1 सितंबर 2020 - 12:46
तुर्क सांसद ने पेश कर दिया ग्रेटर तुर्की का नक़्शा, यूनान, इराक़ और सीरिया के भी कई इलाक़ों पर दावा, क्या अर्दोग़ान उसमानी ख़लीफ़ा बनने का सपना देख रहे हैं? ऐतिहासिक सीरियलों का क्या है रोल?

ऐसा लगता है कि तुर्की की नज़रें उसमानी ख़िलाफ़त या ओटोमन ऐम्पायर वाले दौर पर लगी हुई हैं और वह देश के भीतर बड़े बदलाव करने के साथ ही बड़े योजनाबद्ध रूप से अपनी भौगोलिक सीमाओं के विस्तार की कोशिश में लग गया है।

सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के सांसद मीतीन ग़्लोनक ने ग्रेटर तुर्की का एक नक़्शा जारी किया है जो तुर्की के लाल रंग के ध्वज से ढंका हुआ है और इस मानचित्र में कई अरब और यूरोपीय देशों के बड़े भाग शामिल हैं। नक़्शा उस समय जारी किया गया है जब तेल और गैस के मुद्दे पर तुर्की और यूनान के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं, दूसरी ओर सीरिया के इदलिब इलाक़े में तुर्की की सेनाएं तैनात हैं और तुर्की की यह मंशा सामने है कि अंकारा सरकार इस इलाक़े को अपने अधीन कर लेना चाहती है। सवाल यह है कि अर्दोग़ान सरकार के पास क्या इतनी ताक़त है कि वह इस बड़े पैमाने पर विस्तारवाद का तूफ़ान शुरू करे।

तुर्क सांसद ने जो नक़्शा जारी किया है उसमें उत्तरी यूनान का बड़ा भाग, एजियन सागर के कई द्वीप, बुलग़ारिया, साइप्रस और आर्मीनिया का आधा भाग, जार्जिया इराक़ और सीरिया का बहुत बड़ा हिस्सा शामिल दिखाया गया है।

तुर्क सांसद ने केवल यह नक़्शा अपने ट्वीटर हैंडल पर जारी नहीं किया बल्कि 1071 में होने वाले युद्ध में तुर्क नरेश की विजय का भी गुणगान किया है।

तुर्क सांसद मीतीन का कहना है कि अर्दोग़ान के नेतृत्व में जस्टिंस एंट डेवलपमेंट पार्टी के भीतर भी वही जज़्बा है।

इसके जवाब में यूनानी यूज़र्स ने पीले रंग का एक नक़्शा जारी किया है जो ग्रेटर यूनान का नक़्शा है। कुर्दों ने कुर्द जाति का नक़्शा जारी कर दिया है जिसमें तुर्की का एक बड़ा हिस्सा शामिल किया गया है।

अर्दोग़ान के सांसद की ओर से जारी किए जाने वाले नक़्शे पर अरब यूज़र्स ने भी ख़ूब हमले किए हैं और कहा है कि यह बड़ी कड़वी सच्चाई है जो तुर्की के घिनौने सपने को ज़ाहिर कर रही है। कुछ ने ओटोमान एम्पायर के काल में अरबों पर होने वाले अत्याचारों का उल्लेख किया है।

इस राजनैतिक बहस के बीच तुर्की के टीआरटी टीवी चैनल ने तुर्की के सीरियल का प्रचार शुरू कर दिया है जिसमें तुर्कों को मिलने वाली विजय दिखाई गई हैं इसके अलावा भी कई सीरियल दिखाए जा रहे हैं जिसमें ओटोमन एम्पायर का महिमा मंडन किया गया है। यह सब कुछ सरकारी समर्थन से और सरकारी टीवी चैनलों पर हो रहा है।

ख़ालिद जयूसी

फ़िलिस्तीनी पत्रकार