24 अगस्त 2020 - 13:42
हिज़्बुल्लाह ने कौन सा हथियार इस्तेमाल करके मार गिराया इस्राईली ड्रोन? विशेषज्ञ क्यों समझते हैं कि हिज़्बुल्लाह के हाथ लग गया टेक्नालोजी का ख़ज़ाना?

इस्राईल का सैनिक नेतृत्व हिज़्बुल्लाह की ओर से जारी किए जाने वाले बयान का खंडन नहीं कर पाया जिसमें हिज़्बुल्लाह ने शनिवार की शाम दक्षिणी लेबनान में एतश्शअब के इलाक़े में इस्राईली ड्रोन मार गिराने की बात कही।

इस्राईली सैनिक नेतृत्व को मानना पड़ा कि हिज़्बुल्लाह का बयान सही है मगर उसने इस्राईली मीडिया पर ज़रूर शिकंजा कस दिया कि वह इस बारे में ज़्यादा बात न करे।

मावीक प्रकार के इस ड्रोन को मार गिराए जाने की ख़बर हिज़्बुल्लाह की ओर से आई और साथ ही ज़मीन पर गिरे हुए ड्रोन की तसवीरें भी जारी कर दी गईं। हिज़्बुल्लाह के बयान से पूरे इस्राईल को यक़ीन हो गया कि यह घटना हुई है इसमें किसी संदेह की गुंजाइश नहीं है।

ड्रोन विमानों का रणक्षेत्र में इस्तेमाल नई और अत्याधुनिक रणनीति है इसलिए इन विमानों से निपटना, इन पर अंकुश लगाना और इन्हें मार गिराना भी बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। यही वजह है कि इस्राईली विशेषज्ञों की चिंता बहुत बढ़ गई है हिज़्बुल्लाह ने किस मिसाइल का इस्तेमाल करके इस ड्रोन और दूसरे तीन इस्राईली ड्रोनों को गिराया है? यह हथियार हिज़्बुल्लाह ने ख़ुद डेवलप किया है या उसे ईरान से मिला है?

इन सवालों के बारे में सोचते हुए हमारे मन में वह ख़बरें आ रही हैं जिनके अनुसार अरब इमारात इस समय इस्राईल से एयर डिफ़ेन्स सिस्टम ख़रीदने की कोशिश कर रहा है जिसकी मदद से वह अपनी वायु सीमा में आने वाले ड्रोन विमानों को गिरा सके। इमारात को विशेष रूप से यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के ड्रोन विमानों से डर है।

हो सकता है कि यह तकनीक हिज़्बुल्लाह को ईरान से मिली हो क्योंकि हालिया समय में यूरोपीय देशों में प्रकाशित होने वाली रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान ने ड्रोन विमान की तकनीक में हैरतअंगेज़ तरक़्क़ी कर ली है। इन ख़बरों के सुबूत भी उस समय सामने आ गए जब ईरान ने अत्याधुनिक अमरीकी ड्रोन ग्लोबल हाक मार गिराया जो 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ते हुए ईरानी वायु सीमा में घुसा था। हालांकि इस विमान को अमरीकी ड्रोन उद्योग का ताज समझा जाता है।  में यूरोपीय देशों में प्रकाशित होने वाली रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान ने ड्रोन विमान की तकनीक में बहुत ज

इस्राईली ड्रोन गिराकर हिज़्बुल्लाह को तकनीकी जानकारियों का जो ख़ज़ाना मिल गया है उसकी कोई क़ीमत नहीं लगा सकता। अब हिज़्बुल्लाह के विशेषज्ञ और हो सकता है कि ईरानी विशेषज्ञ भी एक साथ बैठ कर इस ड्रोन के मलबे की तकनीकी समीक्षा करें इसीलिए इस्राईल और अमरीका की हमेशा कोशिश रहती है कि उनके ड्रोन विमान का मल्बा ईरान और हिज़्बुल्लाह के हाथ न लगने पाए।

अब इस पर इस्राईल की क्या प्रतिक्रिया होगी यह तो नहीं मालूम लेकिन इतना ज़रूर है कि कोई भी ड्रोन अब लेबनान की वायु सीमा में भेजने से पहले इस्राईल हज़ार बार सोचेगा।

अब्दुल बारी अतवान

अरब जगत के विख्यात लेखक व टीकाकार