मीडिया में ऐसी ख़बरें सामने आने के बाद कि लखनऊ समेत कुछ जगहों पर पुलिस ने शिया मुसलमानों को अज़ादारी करने से रोका है, लखनऊ के शिया मुसलमानों ने विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी।
शिया धर्मगुरू मौलाना कलबे जवाद को प्रशासन की ओर से यह आश्वासन मिलने के बाद कि लोग अपने घरों में ताज़िए रख सकते हैं और अज़ादारी कर सकते हैं, शिया मुसलमानों ने अपना विरोध वापस ले लिया है।
ग़ौरतलब है कि ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता और इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह सीस्तानी ने मोहर्रम में अज़ादारी के महत्व पर बल देते हुए लोगों से कोरोना से संबंधित दिशा निर्देशों के पालन पर बल दिया है।
भारत के शिया मुसलमानों को भी वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार और विशेषज्ञों की ओर से जारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इमाम हुसैन की शहादत का ग़म मनाना चाहिए।