गुरुवार को 33 दिवसीय युद्ध में इस्राईल के ख़िलाफ़ हिज़्बुल्लाह की फ़तह की वर्षगांठ के अवसर पर एक बार फिर जनरल सलामी ने आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के पूर्व कमांडर जनरल सुलेमानी के ख़ून का बदला लेने का संकल्प दोहराया।
ग़ौरतलब है कि 3 जनवरी को बग़दाद एयरपोर्ट के निकट अमरीका ने ड्रोन से मिसाइल हमला करके जनरल सुलेमानी और इराक़ी स्वयं सेवी बल हशदुश्शाबी के डिप्टी कमांडर अल-मोंहदिस को शहीद कर दिया था।
उन्होंने कहा कि दुश्मनों को यह जान लेना चाहिए कि अब वे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, जनरल सुलेमानी की हत्या करके, उन्होंने हमेशा के लिए ख़तरा मोल ले लिया है।
ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता भी जनरल सुलेमानी के ख़ून का सख़्त बदला लेने का एलान कर चुके हैं, जनरल सलामी ने भी वरिष्ठ नेता के उसी बयान की ओर संकेत किया है।