8 अगस्त 2020 - 15:27
सीरिया, तेल की लूटपाट और क़बाइलियों के ग़ुस्से को ठंडा करने की अमरीकी कोशिश

दैरिज़्ज़ूर के तेल के मालामाल क्षेत्र में में कुर्द डेमोक्रेटिक फ़ोर्सेज़ और सीरियाई क़बाइलियों के बीच होने वाली झड़पों के कुछ दिन बाद इराक़ से अमरीकी सैनिकों का एक बड़ा कारवां पूर्वी सीरिया में दाख़िल हुआ।

अमरीकी सेना ने अपने इस बड़े कारवां में 47 बड़े ट्रक और अमरीकी झंठों के साथ सात बक्तरबंद गाड़ियां, अपनी ग़ैर क़ानूनी छावनी में पहुंचाया। यह सैन्य कारवां अलवलीद सीमा से सीरिया में दाख़िल हुआ।

अमरीकी सेना का यह कारवां उन बड़े सैन्य कारवानों में से है जो बुधवार को पूर्वोत्तरी सीरिया के अलहसका प्रांत के क़ामेश्ली में दाख़िल हुआ जिसमें दसयों बक्तरबंद गाड़ियां, बड़े पैमाने पर हथियार और सैन्य उपकरण शामिल थे। इन सैन्य कारवानों में से कुछ हस्का प्रांत में स्थित अमरीकी छावनी में चले गये जबकि कुछ गुरुवार को दैरिज़्ज़ूर प्रांत के पूर्वी इलाक़े में चले गये जो अलअकीदात और अलबेकारा क़बाएल के सरदार की मौत के बाद, अमरीकी सेना और कुर्द डेमोक्रेटिक आर्मी के चंगुल से निकल गये थे।

अलहवाए, ज़ीबान और शहील नामक क्षेत्रों में प्रदर्शन कर रहे हैं प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के दौरान कुर्द डेमोक्रेटिक आर्मी के हाथों दो आम नागरिकों की मौत के बाद पिछले दो दिनों से दैरिज़्ज़ूर के तेल से मालामाल क्षेत्रों में सशस्त्र झड़पें हो रही हैं।

सीरिया के क़बाईलियों ने कुछ घंटे तक क्षेत्र में कुर्द डेमोक्रेटिक आर्मी की छावनी नियंत्रण किए रखा और उसके बाद वह पीछे हट गये ताकि अमरीका को यह संदेश दे सकें कि कुर्द ड्रेमोक्रेटिक आर्मी को क्षेत्र से निकालने की शक्ति रखते हैं।

इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने कुर्द डेमोक्रेटिक आर्मी से मांग की थी कि वह क़बाईली सरदारों और गणमान्य लोगों के हत्यारों को पकड़ें और उन्हें सज़ा दें क्योंकि दो सप्ताह पहले ही अलअकीदात क़बाएल के प्रवक्ता शैख़ सलमान और अलबेकारा क़बीले के सरदार मतशर अलहफ़्ल की हत्या कर दी गयी थी। दैरिज़्ज़ूर के स्थानीय लोगों और कुर्द डेमोक्रेटिक आर्मी के बीच मतभेद पहली बार उभर कर सामने नहीं आया है बल्कि कुर्द आर्मी के तेल से मालामाल क्षेत्रों में पहुंचने के बाद से ही मतभेद बढ़ गये।

स्थानीय लोग कुर्द डेमोक्रेटिक आर्मी के बुरे बर्ताव, बुरी आर्थिक स्थिति, ईंधन और सेवाओं की कमी की शिकायत कर रहे हैं। इस बात में कोई शक नहीं है कि अमरीकी की नई सैन्य तैनाती, कुर्दों और अमरीका की एक तेल कंपनी के बी होने वाले तेल के समझौते के बाद से ही हुई है ताकि वह तेल के कुओं पर अपनी पकड़ मज़बूत कर सके विशेषकर उन क़बाइलियों के लिए एक संदेश है जिन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि वह कुर्द डेमोक्रेटिक आर्मी को क्षेत्र से खदेड़ने की शक्ति रखते है।

अमरीका ने भी मौक़ा हाथ से जाने नहीं दिया और अपनी ग़ैर क़ानूनी छावनियों को सैनिकों और सैन्य उपकरणों से भर दिया।  सीरिया के क़बाइलियों ने भी दैरिज़्ज़ूर में कुर्द डेमोक्रेटक आर्मी के मुक़ाबले में लोगों को मदद भेजकर अमरीका और उसके क्षेत्रीय पिट्ठुओं की चिंता बढ़ा दी है।