इतना ही नहीं इन क़बीलों ने इलाक़े में अमरीकी सैनिकों और कुर्द फ़ोर्सेज़ पर हमले शुरू कर दिए हैं।
ट्रम्प प्रशासन ने इस इलाक़े में मौजूद तेल के कुएं कुर्द फ़ोर्सेज़ के हवाले कर दिए और उनके साथ अमरीकी कंपनी डेल्टा क्रिसेंट एनर्जी की डील करवा दी जिसका काम तेल के कुओं की मरम्मत करके वहां से तेल निकालना और उसे विदेशों को बेचना है। तेल के इस व्यापार का फ़ायदा कुर्द फ़ोर्सेज़ को दिया जाना है जबकि मुख्य रूप से पूरे व्यापार पर नियंत्रण अमरीका का रहेगा।
कुर्द फ़ोर्सेज़ ने हालिया समय में एक भयानक ग़लती यह की कि बड़े क़बीले के सरदार शैख़ मतशर हमूद हफ़ल की हत्या कर दी साथ ही बकारह क़बीले के कई नेताओं को मार डाला। शायद यहीं से कुर्द फ़ोर्सेज़ और वहां मौजूद लगभग 500 अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ जनाक्रोश और जनान्दोलन फूट पड़ा।
सीरियाई राष्ट्रपति बश्शार असद ने एक साक्षात्कार में कहा था कि फिलहाल तेल के कुओं पर क़ब्ज़ा जमाए बैठे अमरीकी सैनिकों से लड़ना सीरियाई सरकार की प्राथमिकता नहीं है लेकिन इसकी पूरी संभावना है कि इन सैनिकों के ख़िलाफ़ जनाक्रोश फूट पड़े। लगता है कि सीरियाई सरकार ने इस इलाक़े से अमरीकियों को बेदख़ल करने के लिए इसी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
वर्ष 2007 में जिन क़बायली जवानों ने अमरीकी सैनिकों से इराक़ में मोर्चा लिया था और उन्हें बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया था वह कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे कि सीरिया के भीतर कुर्दों की मदद से अमरीकी साज़िश पर अमल हो और देश का एक भाग टूट कर अलग हो जाए जिस पर कुर्दों का राज हो।
अमरीकी सैनिकों ने कुर्द इलाक़े हसका से 47 बक्तरबंद गाड़ियां और टैंक शहर के उत्तरी इलाक़े में भेजे हैं जिसका मक़सद कुर्द फ़ोर्सेज़ की स्थिति मज़बूत करना है मगर इन सारी चीज़ों से उस जनाक्रोश को नहीं दबाया जा सकता जो अमरीकियों का साथ देने की वजह से कुर्द फ़ोर्सेज़ के ख़िलाफ़ भी फूट पड़ा है। यह ख़बरें हैं कि इस जनान्दोलन के निशाने पर अमरीकी कंपनी के विशेषज्ञ और कर्मचारी हैं जो अमरीकियों और कुर्दों की डकैती में मुख्य रोल निभाने वाले हैं।
सीरिया के तेल के कुएं इस देश की जनता और सरकार के हैं और उन्हें वापस मिलेंगे जिस तरह इराक़ की तेल की दौलत इराक़ियों को वापस मिली है। अमरीकी मदद मिल जाने की वजह से कुर्द फ़ोर्सेज़ जो कर रही हैं वह रणनीतिक ग़लती है। कुर्दों ने इराक़ और ईरान में मिलने वाला सबक़ भुला दिया है।
जब अमरीकियों और उनका साथ देने वाली कुर्द फ़ोर्सेज़ के ख़िलाफ़ जनाक्रोश ज्वालामुखी बन जाएगा तो सारे अमरीकियों को बाहर निकालने से पहले शांत नहीं होगा और सीरिया के तेल के संसाधन सीरियाई सरकार के हाथ में वापस आ जाएंगे।
स्रोतः रायुल यौम