घटना से मची भारी तबाही की अनदेखी करते हुए सऊदी अरब के चैनल अलअरबिया ने झूठी ख़बरे फैलानी शुरु कर दी और कहा कि यह धमाका हिज़्बुल्लाह के हथियारों के गोदाम में हुआ।
लेबनानी जनता और सरकार अभी इस हृदय विदारक घटना पर संभल ही नहीं सकी कि उनके मनोबल को गिराने की कोशिशें शुरु हो गयीं। सऊदी चैनल का यह दावा एसी स्थिति में सामने आया है कि इस घटना के बारे में फ़ैसला करना अभी जल्दी होगा। लेबनानी प्रधानमंत्री हस्सान दय्याब ने कहा कि घटना की विभिन्न आयामों से जांच की जा रही है और ज़िम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी।
इस प्रकार की घटना के सबसे बड़े ज़िम्मेदार के रूप में इस्राईल ने भी इस घटना में अपनी भूमिका से इनकार किया है।
लेकिन सऊदी अरब तो सबसे आगे निकल गया और उसके चैनल ने इस घटना के बारे में ख़बरें चलाईं कि धमाका, हिज़्बुल्लाह के हथियारों के गोदाम में हुआ है।
निसंदेह इस प्रकार के जाली समाचार, लेबनान सरकार के आधिकारिक दृष्टिकोण विरुद्ध हैं और इनका मक़सद केवल लेबनानी जनता की लाशों पर नंगा नाच करना है। इस प्रकार के समाचारों का लक्ष्य, लेबनानी जनता की एकता को तार तार करना है।
खेद की बात यह है कि इस्लामी जगत के अगुवा होने का दावा करने वाले सऊदी अरब का लेबनान की हृदय विदारक घटना पर यह बर्ताव दिखाता है कि सऊदी अधिकारी कितना मतलब परस्त हैं और उन्हें लेबनानी जनता के दुख दर्द की कोई परवाह नहीं बल्कि वह केवल प्रतिरोध पर दबाव डालने और अपने राजनैतिक लक्ष्य साधने के प्रयास में हैं। उनके लिए मानवता की कोई अहमित नहीं बल्कि वह केवल गिद्धों की तरह मरे हुए जानवरों का मांस खाना ही पसंद करते हैं।