5 अगस्त 2020 - 13:45
5 अगस्त को मोदी ने अंहकार में कश्मीर के बारे में फ़ैसला लिया, जिसका नतीजा कश्मीर की आज़ादी के रूप में निकलेगा, इमरान ख़ान

पाकिस्तानी प्रधान मंत्री इमरान ख़ान ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की असेम्बली को संबोधित करते हुए कहाः पिछले साल 5 अगस्त को नरेन्द्र मोदी ने बहुत बड़ी ग़लती की और उन्होंने यह क़दम अंहकार में उठाया, जिसका नतीजा कश्मीर की आज़ादी के रूप में निकलेगा।

ख़ान का कहना था कि मोदी सरकार ने यह क़दम इस अंहकार में उठाया कि भारत एक बड़ा बाज़ार है, इसलिए दुनिया के देश इस पर ख़ामोश रहेंगे। पश्चिमी देश भारत को चीन के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करना चाहते हैं, इसलिए वे ख़ामोश भी रहे।

पाकिस्तानी प्रधान मंत्री का कहना था कि भारतीय प्रधान मंत्री का मानना था कि कश्मीर में पहले से तैनात 8 लाख सैनिकों की संख्या में वृद्धि करके, लोगों का अपहरण करके और आबादी के अनुपात में बदलाव करके कश्मीरियों को पराजित कर देंगे, लेकिन मेरा मानना है कि भारत ने यह रणनीतिक ग़लती की है, क्योंकि इससे पहले भी दुनिया की शक्तिशाली क़ौमों ने अंहकार में फ़ैसले लिए तो वह तबाह हो गईं।

उन्होंने कहाः नई दिल्ली के इस फ़ैसले पर पाकिस्तान ख़ामोश नहीं रहा और उसने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया। 1965 के बाद से पहले बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 3 बार कश्मीर का मुद्दा उठा।

इमरान ख़ान ने यह उल्लेख किया कि ख़ुद उन्होंने पश्चिमी नेताओं से संपर्क किया और उन्हें कश्मीर की सही स्थिति से अवगत किया।

उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स में मेरा आर्टिकल नहीं छपता था, लेकिन जब मैंने अमरीकी अख़बार को मोदी और आरएसएस की फासीवादी तथा नज़ीवादी विचारधारा के बारे में बताया तो उसकी नीति में बदलाव हुआ।