इस बीच इस्राईल में सबसे अधिक गंभीर मुद्दा गृह युद्ध का है और यह बात अब खुले तौर पर कही जाने लगी है कि इस्राईल गृह युद्ध की आग में घिरता जा रहा है। इस्राईल के कई शहरों में इस समय प्रधानमंत्री नेतनयाहू के ख़िलाफ़ हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। नेतनयाहू पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। इस समय इस्राईल में बेरोज़गारों की संख्या लगभग दस लाख हो चुकी है।
इस्राईली सुरक्षा संस्था शबाक के पूर्व अधिकारी दवीर कारीव ने कहा कि हालिया दिनों इस्राईली समाज में हिंसा की प्रवृत्ति बहुत तेज़ी से बढ़ी है। कारीव ने इस्राईली टीवी चैनल को साक्षात्कार देते हुए कहा कि हम राजनैतिक हत्याओं की कगार पर पहुंच गए हैं।
हाआरेत्ज़ अख़बार के टीकाकार नैयर हस्सून ने कहा कि नेतनयाहू के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शन सफल हो जाएंगे यह अभी नहीं कहा जा सकता बल्कि इस समय तो लगता है कि प्रदर्शनकारी दीवार पर सिर पटक रहे हैं।
मगर टीकाकार यूसी वरटर का कहना है कि नेतनयाहू हालिया वर्षों में लगातार हिंसा को हवा देते रहे हैं और अब जब वह राजनैतिक, क़ानूनी और पारिवारिक संकट में फंस गए हैं तो इसकी पूरी संभावना है कि वह पूरे इस्राईल को आग में झोंक देंगे।
इस्राईली सुरक्षा मंत्री बेनी गांट्स का कहना है कि यदि प्रदर्शन वर्तमान रूप में जारी रहे तो किसी भी समय गृह युद्ध छिड़ जाएगा। गांट्स ने कहा कि हम इस समय जो हिंसा देख रहे हैं वह गृह युद्ध की ओर हमें खींचने वाली ढलान है।
सबसे बड़ा बयान तो इस्राईल के राष्ट्रपति रिववेन रिवलीन ने दिया। उन्होंने कहा कि इन हालात में यदि कोई प्रदर्शनकारी मारा जाए या ख़ुद प्रधानमंत्री नेतनयाहू की हत्या हो जाए तो इसमें कोई हैरत की बात नहीं होगी।
स्रोतः रायुल यौम