उन्होंने कहा कि अमरीका से जनरल सुलेमानी की हत्या का असली बदला लिया जाना अभी बाक़ी है और जैसा कि ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है यह बदला बहुत सख़्त होगा।
पश्चिम एशियाई मामलों के विशेषज्ञ अब्दुल्लाहियान का कहना था कि अमरीकियों ने जनरल सुलेमानी और उनके साथियों की गाड़ी को निशाना बनाकर बहुत बड़ी ग़लती की थी।
उन्होंने कहा कि तेहरान ने अमरीकी ड्रोन हमले में जनरल क़ासिम सुलेमनी की गाड़ी के नष्ट होने का बदला, अल-असद छावनी पर बैलिस्टिक मिसाइल फ़ायर करके ले लिया, जबकि जनरल की हत्या के बदले का अधिकार ईरान ने अपने पास सुरक्षित रखा हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ईरान और इराक़ के बीच फूट डालने की अमरीका की कोशिशें सफल नहीं होंगी, उसका सबसे स्पष्ट सुबूत दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग है।
अब्दुल्लाहियान का कहना था कि दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार बढ़कर 14 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि ईरान और यूरोप के बीच सालाना व्यापार 3 अरब डॉलर भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि अमरीका, बग़दाद सरकार पर ईरान के साथ सहयोग में कमी लाने के लिए दबाव डाल रहा है, लेकिन पिछले हफ़्ते प्रधान मंत्री अल-काज़मी की तेहरान यात्रा से वाशिंगटन को यह संदेश गया है कि तेहरान को अलग-थलग करने की उसकी नीति विफल हो चुकी है।