23 जुलाई 2020 - 14:14
इस्राईल ने किस डर से बंद कर ली वायु सीमा? क्या हिज़्बुल्लाह इंतेक़ाम लेने वाला है? आयतुल्लाह ख़ामेनई ने क्यों याद दिलाया कि जनरल सुलैमानी की हत्या इराक़ की धरती पर हुई?

सीरिया के भीतर इस्राईल के मिसाइल हमलों के जारी रहने से ईरान के नेतृत्व वाला इस्लामी प्रतिरोध मोर्चा आक्रोश में है और इस मोर्चे के समर्थक सारी दुनिया में इस बात से परेशान हैं कि मुंहतोड़ा जवाबी हमला नहीं हो पा रहा है जिससे इस्राईल के हौसले पस्त हो जाएं और वह सबक़ सीखे।

परेशानी की इससे ज़्यादा बड़ी वजह यह है कि इस स्थिति का फ़ायदा उठाकर अब शायद इस्राईल ने ईरान के भीतर हमले करना शुरू कर दिया है और ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों और आर्थिक केन्द्रों को निशाना बनाने लगा है। हालिया दिनों कई जगहों पर आग लग जाने की घटना के बारे में कुछ गलियारों का संदेह है कि यह काम इस्राईल ने ही किया है।

अनौपचारिक रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि ईरान से सीरिया पहुंचने वाले सटीक मिसाइलों की पूरी खेप को इस्राईल ने निशाना बनाया जिसमें पांच ईरानी विशेषज्ञ भी मारे गए जबकि हिज़्बुल्लाह के एक कमांडर भी शहीद हो गए। यह बहुत बड़ी घटना है। इस पर ईरान के नेतृत्व वाले मोर्चे की ओर स जवाबी हमला होना तय है यह बात इस्राईली विशेषज्ञ भी मान रहे हैं।

इस घटना के बाद इस्राईल ने गोलान हाइट्स के इलाक़े की वायु सीमा बंद कर दी है और सेनाओं को हाई एलर्ट रहने का आदेश दिया गया है क्योंकि हिज़्बुल्लाह की ओर से जवाबी कार्यवाही दक्षिणी लेबनान या फिर सीरिया के किसी इलाक़े से हो सकती है क्योंकि हिज़्बुल्लाह के कमांडर अली कामिल मोहसिन सीरिया की धरती पर ही शहीदि किए गए।

हमें यह मालूम है कि सीरियाई और ईरानी लक्ष्यों पर इस्राईल के हमलों की वजह पूरे इस्लामी प्रतिरोध के मोर्चे को जंग में घसीटना है जिसका फ़ायदा ट्रम्प को राष्ट्रपति चुनाव में मिल सके और इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू गंभीर संकटों से बाहर निकल सकें लेकिन अगर इस्राईल के इन हमलों पर जवाबी हमला न किया गया तो इससे अमरीका और इस्राईल की हिम्मत बढ़ेगी और वह ईरान के भीतर हमले करने का सिलसिला तेज़ करेंगे।

दक्षिणी दमिश्क़ में हमले के बाद इस्राईल ने अपनी सेनाओं को हाई एलर्ट किया है तो इसकी वजह इस्राईल में पाया जाने वाला यह ख़ौफ़ है कि सैयद हसन नसरुल्लाह ने चूंकि कहा है कि हम अपने हर जवान की शहादत का बदला लेंगे तो हिज़्बुल्लाह इस बार भी जवाबी हमला ज़रूर करेगा।

इस घटना पर हिज़्बुल्लाह की ओर से ख़ामोशी है अब तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है शायद इसकी वजह यह है कि हिज़्बुल्लाह ने बयानी जारी करने के बजाए जवाबी हमला करने का फ़ैसला किया है और इसके लिए इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे के भीतर समन्वय की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

अमरीका और इस्राईल के हमलों पर ज़ोरदार जवाबी हमले का इशारा ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई की उस बात से भी मिल गया जो उन्होंने इराक़ के प्रधानमंत्री मुसतफ़ा अलकाज़ेमी से मुलाक़ात में कही कि जनरल क़ासिम सुलैमानी और उनके साथियों की हत्या इराक़ की धरती पर की गई और यह काम अमरीकियों ने किया जिसका बदला ईरान ज़रूर लेगा। इससे कुछ विशेषज्ञों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इराक़ की धरती पर अमरीकियों के ख़िलाफ़ बड़ी कार्यवाही होने वाली है।

आने वाले दिन और हफ़्ते शायद अमरीका और इस्राईल के हमलों पर इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे के बड़े जवाबी हमलों वाले दिन और हफ़्ते होंगे।

अब्दुल बारी अतवान