इससे पहले ट्रम्प ने कहा था कि दैनिक पत्रकार सम्मेलन समय की बर्बादी होकर रह गया है और उन्होंने पत्रकारों के सामने आना छोड़ दिया था। मगर अब वह पत्रकारों के सामने लौटे हैं तो इसकी कोई वजह बयान नहीं की है।
ट्रम्प की वरिष्ठ महिला सलाहकार ने कहा कि इससे ट्रम्प को लोगों के विचारों से अवगत होने का अच्छा अवसर मिलता है।
इससे पहले ट्रम्प जब माइक्रोफ़ोन के सामने आते थे तो उनके साथ कोरोना वायरस की महामारी पर काम करने वाले विशेषज्ञों की टीम हुआ करती थी जिसमें उप राष्ट्रपति माइक पेन्स, डाक्टर फ़ाउची, डाक्टर डिबरा ब्रुक्स बग़ैरा होते थे मगर अब वह अकेल नज़र आ रहे हैं।
अब एक फ़र्क़ और नज़र आ रहा है कि ट्रम्प की प्रेस कान्फ़्रेन्स बहुत सक्षित्प रहती है। मंगलवार को 25 मिनट और बुधवार को 21 मिनट में उन्होंने केवल कुछ सवालों को निपटाया और चलते बने। इससे पहले तो वह दो दो घंटे की प्रेस कान्फ़्रेन्स कर रहे थे। अब वह पत्रकारों से उलझ भी नहीं रहे हैं। वह पहले की तरह उल्टे सीधे सुझाव भी देने से बच रहे हैं। पहले उन्होंने शरीर को अल्ट्रा वायलेट किरणों के सामने रखने और डेटाल आदि जैसे पदार्थ पीने या शरीर में इंजेक्ट करवाने के सुझाव दिए थे।
अलबत्ता ट्रम्प चीन, डेमोक्रेट्स और अपने प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन को कोसना नहीं भूले। कोरोना की लहर दोबारा शुरू हो जाने के लिए उन्होंने नस्लपरस्ती के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शनों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब कोरोना वारयस के बारे में बात करते समय ट्रम्प बहुत गंभीर रहते हैं उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की महामारी से हालात अभी और ख़राब होंगे उसके बाद धीरे धीरे सुधार आएगा। अमरीकी जनता से उन्होंने कहा कि सब मास्क का प्रयोग करें।
कोरोना वायरस की महामारी फैलने के बाद सर्वे रिपोर्टों में ट्रम्प बाइडन से बुरी तरह पिछड़ते जा रहे हैं और ट्रम्प को चुनाव हार जाने का ख़तरा गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है इसलिए शायद उन्होंने अपना रवैया बदलने का फ़ैसला किया है? ट्रम्प का यह नया रूप मतदाताओं को कितना लुभा सकेगा यह आने वाला समय ही बताएगा।