राष्ट्र संघ में सीरियाई राजदूत, बशार अल-जाफ़री का कहना है कि दमिश्क़ को इस्राईली क़ब्ज़े से गोलान हाइट्स को आज़ाद कराने का पूरा अधिकार है, ताकि देश की संप्रभुता और अखंडता को बहाल किया जा सके।
उन्होंने कहाः इस्राईल ने पिछले 53 वर्षों से गोलान हाइट्स समेत अरबों की ज़मीनों पर क़ब्ज़ा कर रखा है, जो राष्ट्र संघ के घोषणापत्र और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का घोर उल्लंघन है।
सीरियाई राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी है कि दमिश्क़ अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और अखंडता से किसी भी क़ीमत पर समझौता नहीं करेगा और वह निकट भविष्य में गोलान हाइट्स को आज़ाद कराने के लिए एक नया मोर्चा खोल सकता है।
उन्होंने कहा कि इस्राईल हमारी ज़मीनों पर क़ब्ज़ा करता जा रहा है और वाशिंगटन आंखें बंद करके उसका समर्थन कर रहा है, यह हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है।
ग़ौरतलब है कि 2019 में ट्रम्प प्रशासन ने गोलान हाइट्स पर इस्राईल के क़ब्ज़े को मान्यता दे दी थी और उससे पहले 2017 में बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी के रूप में स्वीकार करने का एलान किया था।
इस्राईल ने 1967 में अरब-इस्राईल 6 दिवसीय युद्ध के दौरान, गोलान हाइट्स पर क़ब्ज़ा कर लिया था और बाद में उसका अवैध अधिकृत इलाक़ों में विलय कर लिया।
अगर सीरियाई सेना स्वयं सेवी बलों के सहयोग से गोलान हाइट्स में इस्राईल के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलती है, तो इस्राईल के लिए अब तक की यह सबसे गंभीर चुनौती होगी, इसलिए कि देश में आतंकवाद के ख़िलाफ़ पिछले एक दशक से जारी लड़ाई का अनुभव और सफलता से दमिश्क़, सैन्य शक्ति की दृष्टि से काफ़ी मज़बूत स्थिति में है।