ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख सैयद इब्राहीम रईसी ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की न्यायपालिका के अधिकारी, वैध मांगों और आपत्तियों तथा दंगों और बलवों के बीच अंतर को समझते हैं, आपत्ति और विरोध को सुना जाता है और सुना भी जाना चाहिए किन्तु दंगें और बलवे, दंगों और देश में जलाव, घेराव और हंगामें, ईरान की न्यायपालिका के लिए रेड लाइन है।
सैयद इब्राहीम रईसी ने कहा कि ईरान की न्याययिक प्रक्रिया में न्याय का आधार, सबूत और तर्क और न्याय की मांगों को पूरे करना है और क़ानूनी क्षमताओं और न्याय की प्रक्रिया, सार्वजनिक अधिकारों और दोनों पक्षों के अधिकारों की रक्षक है।
ज्ञात रहे कि दुश्मन मीडिया, ईरान में तीन सशस्त्र दंगाइयों को सज़ाए मौत सुनाए जाने पर हंगामा मचाए हुए है और इन अपराधियों के अपराध की ओर से लोगों का ध्यान हटाना चाहते हैं।
उक्त तीन सशस्त्र अपराधी सशस्त्र डकैती, एक महिला सहित आम नागरिकों पर हमला करने, दंगे करने, बैंकों और बसों सहित सरकारी और निजी संपत्तियों को आग लगाने जैसे भीषण अपराधों में लिप्त थे और उन्होंने वीडियो बनाकर कुछ दुश्मन मीडिया को भी भेजी थीं।