संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद ने कुछ युरोपीय देशों के विरोध के बावजूद इस प्रस्ताव को पारित किया जिसमें महामारी के दौरान भी देशों की संप्रभुता और अंखडता पर ध्यान दिये जाने को ज़रूरी बताया गया है।
रूस और चीन के इस संयुक्त प्रस्ताव का दक्षिणी अफ्रीका और तुर्की ने भी समर्थन किया।
प्रस्ताव मे कहा गया है कि महामारी के दौरान सब को एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए लेकिन इस दौरान देशों की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों का ध्यान रखना भी ज़रूरी है।
प्रस्ताव में कोरोना के किसी भी संंभावित टीके को पूरी दुनिया के लिए सार्वाजनिक चीज़ घोषित किया गया है और टीके की खोज की दशा में पूरी दुनिया के लोगों की उस तक पहुंच को सरल बनाने पर बल दिया गया है।