14 जुलाई 2020 - 17:44
सीरिया, गिरफ़्तार आतंकवादियों ने स्वीकार किया कि अमरीका ने उन्हें ईरानी और रूसी सैन्य ठिकानों की जासूसी के लिए ट्रेनिंग दी

सीरियाई सेना के हत्थे ऐसे तीन आतंकवादी चढ़े हैं, जिन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि उन्हें अमरीका ने आतंकवादी कार्यवाहियों और जासूसी करने के लिए ट्रेनिंग दी है।

पकड़े गए आतंकवादियों का कहना है कि वे एक अमरीका समर्थित आतकंवादी गुट के सदस्य हैं और उन्हें रक्क़ा में जासूसी के मिशन पर भेजा गया था।

सीरियाई सेना ने तीनों आतंकवादियों को पालमीरा शहर के निकट पत्रकारों के सामने पेश किया। तीनों का कहना था कि उनका संबंध सीरिया के अल-तनफ़ स्थित अमरीकी सैन्य अड्डे द्वारा संचालित क्रांति कमांडो सेना से है।

तीनों आतंकवादियों ने बताया कि वे अल-तनफ़ से मोटर साइकलों पर सवाल होकर जासूसी के मिशन पर रक्क़ा के इलाक़े मंसूरा पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्हें ईरानी, रूसी और सीरियाई सैन्य ठिकानों के बारे में जानकारियां इट्ठा करनी थीं।

उन्होंने सीरियाई सैन्य चौकियों और गश्त करने वाले सुरक्षा बलों की निगाहों से बचने के लिए प्रमुख रास्तों का इस्तेमाल करने से परहेज़ किया। लेकिन उन्हें गाइड करने वाला तस्कर ग़लती कर बैठा और उन्हें बारूदी सुरंगों वाले इलाक़े की ओर ले गया, जहां बारूदी सुरंगों की चपेट में आकर इस आतंकवादी समूह का मुख्य कमांडर और एक आतंकवादी मारा गया। उसके बाद  पांच आतंकवादियों में से बचने वाले तीन, जल्दी ही सीरियाई सुरक्षा बलों के हाथ लग गए।

सीरियाई सेना ने आतकंवादियों के पास से हथियार, मादक पदार्थ और पैसे ज़ब्त किए, जिन्हें पत्रकारों के सामने पेश किया गया।

सीरियाई सेना ने बारूदी सुरंगों की चपेट में आने वाली दो मोटर साइकलों का मलबा भी बरामत कर लिया है।  

क्रांति कमांडो सेना सीरियाई सरकार विरोधी दर्जनों आतंकवादी गुटों में से एक है, जिनका अमरीका समर्थन करता है। इस गुठ का गठन 2015 में किया गया था।

इन आतकंवादी गुटों को अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए जॉर्डन स्थित अमरीकी ट्रेनिंग सैंटरों में आतंकवादी हमलों के लिए प्रशिक्षण देती है।

सीरियाई सेना के साथ लड़ाई में इन गुटों के अधिकांश आतंकवादी मारे जा चुके हैं और सीरियाई सैनिक तथा स्वयं सेवी बल बचे-खुचे आतंकवादियों का सफ़ाया करने में लगे हुए हैं।