30 जून 2020 - 13:16
वेस्ट बैंक के इस्राईल में ग़ैर क़ानूनी विलय पर ज़ायोनी संसद में वोटिंग से ठीक पहले नेतनयाहू और गैंट्ज़ आमने-सामने

लम्बे राजनीतिक गतिरोध के बाद इस्राईल में बनने वाली खिचड़ी सरकार में वेस्ट बैंक के विलय को लेकर मतभेद सामने आ गए हैं।

ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के नेता और वैकल्पिक इस्राईली प्रधान मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने ज़ायोनी संसद में वेस्ट बैंक के ग़ैर क़ानूनी विलय पर होने वाली वोटिंग से ठीक पहले कहा है कि पहली जुलाई कोई पवित्र तारीख़ नहीं है और वे कोरोना वायरस महामारी को लेकर अधिक चिंतित हैं।

इसके जवाब में ज़ायनी प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने लिकुड पार्टी के सदस्यों के साथ बैठक में कहा है कि यह मुद्दा गैंट्ज़ की पार्टी से संबंधित नहीं है, बल्कि वे किसी भी तरह से इसमें फ़ैक्टर नहीं हैं।

हालांकि ट्रम्प प्रशासन नेतनयाहू के इस ग़ैर क़ानूनी क़दम का समर्थन कर रहा है, लेकिन उसने इस गंभीर मुद्दे की समय सीमा के समर्थन के लिए अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

मानवाधिकारों के लिए राष्ट्र संघ की हाई कमिश्नर मिशेल बचेलेट ने इस्राईल के इस क़दम की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि विलय ग़ैर क़ानूनी है। किसी भी तरह का विलय, चाहे वह वेस्ट बैंक का 30 प्रतिशत हो या 5 प्रतिशत।

ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने फ़िलिस्तीन-इस्राईल समस्या के तथाकथित समाधान के लिए डील ऑफ़ द सेंचरी नामक एक समझौता पेश किया है, जिसे समस्त फ़िलिस्तीनी संगठनों ने एकमत होकर रद्द कर दिया है।

इसी तथाकथित समझौते के तहत नेतनयाहू अवैध अधिकृत वेस्ट बैंक के एक बड़े भाग का ज़ायोनी शासन में विलय करना चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंने पहली जुलाई की तारीख़ निर्धारित की है।