लेकिन वेनेज़ुएला ने अपनी तटीय सीमा से निकट होने वाले अमरीकी युद्धपोत को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अमरीकी नैवी ने अगर कोई ग़लत क़दम उठाया तो उसे मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
ग़ौरतलब है कि सोमवार को जैसे ही ईरान का छठा कार्गो जहाज़ खाद्य पदार्ध लेकर वेनेज़ुएला की बंदरगाह पर पहुंचा, अमरीकी सेना की दक्षिणी कमान ने कैरिबियन सागर में "जहाज़रानी की स्वतंत्रता" के नाम अपना एक जहाज़, वेनेज़ुएला के तट के निकट तैनात कर दिया।
अमरीका ने वेनेज़ुएला और ईरान दोनों पर ही कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं, जिसके कारण इस लैटिन अमरीकी देश को अभूतपूर्व रूप से ऊर्जा संकट का सामना है।
अमरीकी नैवी का कहना है कि यूएसएस निट्ज़े को वेनेज़ुएला के जल क्षेत्र के निकट तैनात किया गया है। जो उसके तट से केवल 12 समुद्री मील की दूरी पर है।
वेनेज़ुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमिर पैडरिनो ने वाशिंगटन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अमरीकी युद्धपोत तट से 30 मील की दूरी पर है और यह स्पष्ट रूप से उकसाने वाला क़दम है। इसका कोई और अर्थ नहीं निकाला जा सकता।
उन्होंने धमकी दी कि अगर अमरीकी युद्धपोत ने वेनेज़ुएला के जल क्षेत्र में कोई कार्यवाही की तो उसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
अमरीका, लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार को उखाड़ फेंकने का प्रयास कर रहा है।
इसी मक़सद से उसने वेनेज़ुएला पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं और अब उसके जल क्षेत्र में युद्धपोत भेजकर उसे उकसाने की कोशिश कर रहा है।
पिछले महीने वेनेज़ुएला की सेना ने 8 अमरीकी एजेंटों को मार गिराया था और कुछ को गिरफ़्तार कर लिया था, जो राष्ट्रपति मादुरो के अपहरण और उनकी सरकार का तख़्तापलटने की योजना बना रहे थे।