सूरए यूनुस की आयत क्रमांक 28 और 29 का अनुवादः
और जिस दिन हम उन सब को एकत्रित करेंगे फिर अनेकेश्वरवादियों से कहेंगे, तुम और तुम्हारे द्वारा ईश्वर के समकक्ष ठहराए गए लोग भी अपने स्थान पर ठहरें। फिर हम उनके बीच जुदाई डालेंगे और उनके द्वारा ईश्वर के समकक्ष ठहराए गए लोग कहेंगे कि तुम हमारी उपासना नहीं करते थे। हमारे और तुम्हारे बीच गवाही के लिए ईश्वर पर्याप्त है निसंदेह हम तुम्हारी उपासना की ओर से अनभिज्ञ थे।
संक्षिप्त टिप्पणी:
ईश्वर इन आयतों में पूजी जाने वाली वस्तुओं को अनेकेश्वरवादियों का समकक्ष बताता है अर्थात ये ईश्वर के नहीं बल्कि स्वयं तुम्हारे समकक्ष हैं जिन्हें तुमने तैयार किया है।
इन आयतों से मिलने वाले पाठ:
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प्रलय में मनुष्यों के अतिरिक्त पूजी जाने वाली स्वनिर्मित और काल्पनिक वस्तुओं को भी लाया जाएगा ताकि वे प्रलय के न्यायालय में अनेकेश्वरवादियों के विरुद्ध गवाही दें।
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संसार में लोगों या वस्तुओं से मन नहीं लगाना चाहिए क्योंकि प्रलय में ये हमारे सहायक नहीं शत्रु होंगे।