रोयटर्ज़ के मुताबिक़, 123 सदस्य वाले इंटरनैश्नल क्रिमनल कोर्ट के 67 देशों ने मंगलवार को एक बयान में अमरीकी धमकियों का कूटनैतिक ढंग से जवाब देते हुए, इस कोर्ट का खुलकर समर्थन करने का एलान किया जो दुनिया में युद्ध अपराध की जाँच करने वाला अकेला कोर्ट है।
इस बयान में आया हैः “इंटरनैश्नल क्रिमनल कोर्ट क़ानून पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का अभिन्न अंग है।”
इस बयान का मसौदा स्वीज़रलैंड और कोस्टारिका ने तय्यार किया है।
ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने अभी हाल में आईसीसी के उन अधिकारियों के ख़िलाफ़ पाबंदी के हुक्म पर दस्तख़त किए हैं, जो अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी फ़ौजियों के युद्ध अपराध की जाँच कर रहे हैं।
अमरीका चाहता है कि इंटरनैश्नल क्रिमनल कोर्ट जैसी स्वाधीन संस्था उसकी इजाज़त के बग़ैर यह काम न करे।
इंटरनैश्नल क्रिमनल कोर्ट ने 2003 से 2014 के बीच अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी फ़ौजियों के युद्ध अपराध की जाँच मार्च 2020 में शुरू कर दी है।