6 जून 2020 - 17:08
अमरीका में बढ़ी गृहयुद्ध की आशंका...31 प्रतिशत अमरीकियों का कहना है कि अगले 5 वर्षों में अमरीका में होगा गृहयुद्ध! माजरा क्या है

लेबनान के टीवी चैनल अलमयादीन में मुहमम्द नादिर अलअमरी ने अमरीका में किये गये एक सर्वे पर लेख लिखा है जिसमें अमरीका के भीतर राख के नीचे चिंगारी पर प्रकाश डाला है।

मुहम्मद नादिर अलअमरी लिखते हैः रास्मोसन रिपोर्ट्स नामक संस्था द्वारा किये गये एक सर्वेक्षण में पता चला है कि 31 प्रतिशत अमरीकियों का मानना है कि अमरीका में अगले पांच वर्षों में एक गृहयुद्ध होगा।

 

अमरीका ने कैरेबियन सागर में ईरानी तेलवाहक जहाज़ों को इस लिए नहीं छेड़ा क्योंकि ट्रम्प चुनाव से पहले देश में कोई और संकट पैदा नहीं करना चाहते थे। विशेष कर इस लिए भी कि ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने साफ साफ कह दिया था कि दुनिया के किसी भी हिस्से में अगर ईरानी तेल वाहक जहाज़ों के लिए अमरीका ने कोई समस्या पैदा की तो अमरीका को भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ेगा।

     इसके साथ कोरोना ने अमरीका में हंगामा मचाया लेकिन आजकल एक अश्वेत की पुलिस के हाथों हत्या की वजह से अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प को बहुत बड़ी सुरक्षा संबंधी और सामाजिक समस्या का सामना है।

     इस समय अमरीका में जो हंगामे हो रहे हैं और जिसकी गूंज, ब्रिटेन से ललेकर जर्मनी व कनाडा तथा दुनिया के अन्य बहुत से देशों में सुनायी दे रही है वह वास्तव में गत एक साल के भीतर इस प्रकार की तीसरी घटना का परिणाम है और उसके बाद अब अमरीका में गृहयुद्ध की बात की जाने लगी है। अमरीका में पुलिस के  हाथों इस तरह की हत्याओं  पर अमरीकी अधिकारी बयान देकर भी शिकार होने वालों के प्रति संवेदना प्रकट नहीं करते बल्कि यह भी कहा जा सकता है कि जार्च फ्लोइड की हत्या के मामले में अमरीकी न्यायालय इसे गैर इरादतन हत्या का मामला बता कर प्रदर्शनकारियों को ही कटघरे में खड़ा कर दे।

इस तरह से हम यह कह सकते हैं कि अमरीका का अस्ल चेहरा और उसकी सच्चाई , नस्लभेद पर है जिसके कई उदाहरण, राष्ट्रपति ट्रम्प के काल में बड़ी आसानी से देखे जा सकते हैं।

     1-सन 2016 में अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभियान के आंरभ होने के बाद से ट्रम्प ने पलायनकर्ताओं, अफ्रीकियों और मुसलमानों के खिलाफ अपनी नस्लभेदी भावनाओं को कभी नहीं छुपाया।

2- इस्राईल का भरपूर समर्थन और उसे विभिन्न उपहार देना जिनमें सब से खास सेंचुरी डील है।

3- कोरोना वायरस फैलने के बाद ट्रम्प ने उसके लिए बनाए जाने वाले वैक्सीन पर एकाधिकार का प्रयास किया और युरोप में शोध संस्थाओं के प्रमुखों को इसके लिए रिश्वत देने का प्रस्ताव दिया ताकि इस तरह से वाशिंग्टन के घटकों और दुश्मनों को झुकने पर मजबूर किया जा सके। इसके अलावा अमरीका ने आईएफएफ पर दबाव डाल कर उसे निर्धन देशों की आर्थिक सहायता से रोक दिया।

4- ट्रम्प अमरीकस के वामपंथी  संगठनों पर फासीवाद व आतंकवाद का आरोप लगा कर वर्तमान हालात की ज़िम्मेदारी उनके सिर मंढना चाह रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि अगर वामपंथी संगठन अमरीका की 2 प्रतिशत लोगों की मौत के ज़िम्मेदार हैं तो दक्षिणपंथी संगठन 74 प्रतिशत राजनीतिक हत्याओं के ज़िम्मेदार हैं।

     यह हालात यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या सच में अमरीका, गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है?

     अमरीका में गृहयुद्ध की आशंका है विशेष कर इस लिए भी इस प्रकार के गृहयुद्ध के बहुत से लक्षण नज़र आने लगे हैं। जैसेः

  1. अमरीका में बहुत से रिसर्च सेंटर और शोध केन्द्र जो अमरीका की विदेश व रक्षा संस्थाओं से निकट हैं, अमरीका में गृहयुद्ध की ओर से चेतावनी दे रहे हैं।
  2. अगर कुछ लोग अमरीका में गृहयुद्ध की आशंका को नकार भी दें तब भी उसका यह मतलब नहीं है कि इस देश मे खाईं नहीं है। वास्तव में अमरीका में व्यवस्था और जनता के बीच दूरी साफ दिखायी दे रही है और यह वास्तव में अमरीकी व्यवस्था की नाकामी है। हालांकि अब अमरीका में महत्वपूर्ण पदों पर काले वर्ण के लोग भी पहुंच रहे हैं। प्रिंसटन युनिवर्सिटी के प्रोफेसर कोर्नल इसे अमरीका में सामाजिक प्रयोग की विफलता मानते हैं क्योंकि गत 200 वर्षों से अश्वेतों का इतिहास, अमरीका की पुंजीवादी व्यवस्था की नाकामी का प्रमाण और न्याय व स्वतंत्रता व समानता की स्थापना में विफलता के अर्थ में है।
  3. अमरीका में अगर गृहयुद्ध होता है तो निश्चित रूप से इसकी चिंगारी भड़काने की ज़िम्मेदारी इस देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर है जिन्होंने सितंबर 2019 में इस बारे में चेतावनी देते हुए कहा था कि " अगर डेमोक्रेट, राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग में सफल होते हैं तो गृहयुद्ध की आग भड़केगी जिसके नतीजे में देश टुकड़ों में बंट जाएगा।
  4. पहले से ही हथियारों का शौक रखने वाले अमरीकियों ने कोरोना के फैलाव के बाद अधिक मात्रा में हथियार जमा किया हैं इस तरह से वास्तव में अमरीका, बारुद के ढेर पर है।
  5. कोरोना की वजह से इस देश के सामाजिक व आर्थिक हालात खराब हैं और लोग इसका ज़िम्मेदार ट्रम्प को मानते हैं जो कोरोना से प्रभावी रूप से मुकाबला नहीं कर पाए।

इस लिए अब कहा जा रहा है कि जिस तरह से अमरीका में अशांति है वह एक गृहयुद्ध का कारण भी बन सकती है जिसकी परिणाम में ट्रम्प दोबारा इस देश के राष्ट्रपति बन सकते हैं क्योंकि चुनौतियों के सामने डेमोक्रेट्स भी रिपब्लिकन्स की ही तरह नाकाम साबित हुए हैं।

इन हालात में अमरीका के कट्टरपंथी व दक्षिणपंथी लोग ट्रम्प का दामन थामेंगे जो अमरीका की 40 प्रतिशत आबादी से कम नहीं हैं इसके अलावा धनवान वर्ग भी ट्रम्प के ही साथ है  इसके अलावा इस्राईली लॉबी भी ट्रम्प की ही मदद करेगी ताकि वह अमरीका का इस्राईल के  लिए अधिक दोहन कर सके। Q.A. साभार, अलमयादीन टीवी चैनल, लेबनान