23 मई 2020 - 11:40
सीरियाः पकड़े गये दाइशी आतंकवादियों ने खोला राज़... बताया कैसे अमरीका उनकी मदद करता था, किस के आदेश पर चलते हैं दाइश के नये आतंक

सीरिया के रेगिस्तानी इलाक़े में सेना के एक आप्रेशन में आतंकवादी संगठन दाइश से सबंधिंत एक गुट के 6 सदस्य सैनिकों के घेरे में आ गये जिनमें से तीन मारे गये और तीन को गिरफ्तार कर लिया गया।


     स्पूतनिक न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार किये गये तीन लोगों ने बताया है कि उन्होंने बहुत से आतंकवादी हमले, सीरिया व जार्डन की सीमा पर अत्तनुफ सैन्य छावनी में मौजूद अमरीकी सैनिकों और दाइश के सरगनाओं के आदेश पर किये हैं।

     दाइश के इन तीनों आतंकवादियों के बयान सीरिया के टीवी चैनलों पर प्रसारित किये गय। इन लोगों ने बताया कि अमरीकी सैनिक, दाइश के कमांडर, हसन अलक़म अलजज़रावी को आदेश देते थे कि वह अपने सदस्यों को कहें कि वह तदमुर, तीफूर हवाई अड्डे और आयल फील्ड के निकट तैनात सीरियाई सैनिकों पर हमले करें।

     गिरफ्तार किये गये दाइश के एक आतंकवादी ने बताया कि अमरीकी सैनिकों के आदेश से जो भी हमला हम करते थे उसकी सूचना पहले कुर्द डेमोक्रेटिक फोर्स को देते थे , एक बार जब हम अर्रिक़्का से दैरुज़्जूर जा रहे थे तो कई अमरीकी सैन्य वाहन और कुर्द फोर्स की  कई गाड़ियां हमारी सुरक्षा कर रही थीं जबकि चार हेलीकाप्टर भी हमारे काफिले के साथ उड़ रहे थे।

     याद रहे इस से पहले भी कई बार अमरीकी सैनिकों पर दाइश के साथ मिल कर काम करने का आरोप लग चुका है।

      इराक़ी सांसदों ने भी कुछ दिन पहले कहा था कि अमरीकी सैनिक, दाइश के कमांडरों को सीरिया से इराक़ ला रहे हैं।

     इसी मध्य ईरान की हित संरक्षक परिषद के सचिव मुहसिन रेज़ाई ने कहा है कि अमरीकी इराक की एनुल असद छावनी से लेकर सीरिया की सीमा तक

एक इलाके में, दाइश के आतंकवादियों को ट्रेनिंग और उन्हें इराक़ और सीरिया में आतंकवादी कार्यवाहियों के लिए प्रयोग करने की योजना बना रहे हैं।

     मोहसिन रज़ाई ने कहा कि नये दाइशी आतंकवादी सौ फीसद अमरीकी हैं, अलबत्ता पहले वाले दाइशी भी अमरीकी थे मगर वह सौ फीसद नहीं थे जैसे मिसाल के तौर पर दाइश के कुल छे कमांडरों में से पांच कमांडर अमरीकी आदेशों का पालन करते थे लेकिन अब जो दाइश सामने आ रहे हैं वह पूरी तरह से अमरीकी हैं।

     उन्होंने कहा कि इस बार भी अमरीका को पहले की तरह हार का मुंह देखना पड़ेगा क्योंकि इराक़ में सेना और स्वंय सेवी बल दोनों के ही पास दाइश से लड़ने का काफी  अनुभव है।

     उन्होंने बताया कि पहले वाले दाइश के आतंकवादियों में इस्राईल का प्रभाव अधिक था लेकिन इस बार अमरीका का ही प्रभाव है जबकि इस्राईली सहयोग कर रहे हैं।

      उन्होंने बताया कि नये दाइश संगठन का संचालन सीआईए के हाथ में है।