18 मई 2020 - 11:17
वरिष्ठ नेता ने बताया दुनिया क्यों करती है अमरीका से इतनी नफ़रत? क्या अमरीका, इराक़ और सीरिया में टिक पाएगा?

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने रविवार को वीडियो कांफ़्रेंस द्वारा छात्र व छात्राओं और छात्र संघों के प्रतिनिधियों से अपने संबोधन में अमरीका से नफ़रत और घृणा की वजह को दुनिया के देशों विशेषकर अफ़ग़ानिस्तान, इराक़ और सीरिया में युद्ध की आग भड़काना क़रार दिया और कहा कि अमरीका स्पष्ट रूप से कहता है कि सीरिया में उसकी सेना है इसीलिए कि वहां तेल है किन्तु इराक और सीरिया में अमरीका टिक नहीं सकता और उसे इन देशों से निकलना ही पड़ेगा।

वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने इस वीडियो कांफ़्रेंस में अमरीका और दुनिया के विभिन्न देशों में अमरीकी झंडे को आग लगाए जाने की ओर संकेत करते हुए कहा कि जनता की ओर से इस प्रकार की कार्यवाहियां, अमरीकी सरकार से नफ़रत और घृणा की घोषणा है। 

वरिष्ठ नेता ने कहा कि यहां तक कि अमरीका का साथ देने वाली सरकारों के कुछ प्रमुख जब अपने दिल की बात करते हैं तो इससे अमरीकी सरकार और अधिकारियों के लिए उनकी नफ़रत और घृणा और अविश्वसनीयता दिखाई पड़ती है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अमरीका से नफ़रत की एक और वजह, अमरीका के घमंडी, तर्करहित और अधिक बकवास करने वाले राष्ट्रपति और विदेशमंत्री सहित अमरीका के वर्तमान सत्ताधारियों को क़रार दिया और कहा कि अलबत्ता अमरीका से नफ़रत की वजह केवल यह नहीं है बल्कि अमरीका के क्रियाक्लाप, उसकी शैली, उसके अपराध, अन्याय, आतंकवाद का समर्थन, बदनाम और हमलावर सरकारों की मदद और समर्थन, ज़ायोनी शासन के अत्याचारों का समर्थन और अब हाल ही में कोरोना के बारे में उसकी अधूरी और बेकार नीति भी है। 

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इस अवसर पर ज़ोरज़बरदस्ती करने वाली शक्तियों के मुक़ाबले में ईरान के डटे रहने और राष्ट्रीय संप्रभुता की ओर संकेत करते हुए कहा कि दुश्मन, राष्ट्र के अपमान और राष्ट्रीय विश्वास को ठेस पहुंचाने के प्रयास से निराश नहीं हुआ है किन्तु दुश्मन की सिर तोड़ कोशिशों के बावजूद ईश्वर ने उसका भाग्य विरोध करना बना दिया है।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि यूरोप के मुक़ाबले में ईरान में कोरोना वायरस से निपटने की नीति और व्यवहारिक कार्यवाहियां, वैज्ञानिक रूप से इस वायरस की पहचान के लिए की जाने वाली कोशिशें, लोगों की मदद और अतरिक्ष में छोड़ा जाने वाला सैटेलाइट सहित अनेक कार्यवाहियां, ईरानी राष्ट्र की शक्ति और प्रतिष्ठा का कारण बनी हैं। 

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईरान की महान क्षमताओं और योग्यता के दृष्टिगत ईरानी जनता, युवाओं और छात्रों की अत्याचारी और साम्राज्यवादी शक्तियों के मोर्चे पर विजय और सफलता को अटल सच्चाई क़रार दिया और कहा कि हालिया वर्षों के सैन्य और असैन्य अनुभवों से अच्छी तरह पता चलता है कि ईरानी राष्ट्र में अपने दुश्मनों पर सफलता हासिल करने की भरपूर क्षमता और योग्यता पायी जाती है।