13 मई 2020 - 12:05
शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी को अल-जज़ीरा की बेमिसाल श्रद्धांजलि, राहे ख़ुदा का मुजाहिद बताने पर सऊदी अरब नाराज़

अल-जज़ीरा टीवी चैनल ने ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी की अल-क़ुद्स ब्रिगेड के पूर्व कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी को श्रद्धांजलि देने के लिए एक पॉडकास्ट ट्वीट किया था, जिसमें उनकी जमकर प्रशंसा की गई थी और उन्हें ईश्वरीय मार्ग का योद्धा क़रार दिया था।

ग़ौरतलब है कि लेबनान, सीरिया और इराक़ में इस्राईल और अमरीका को धूल चटाने वाले और आतकंवादी गुट दाइश के ख़ात्मे में महूत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जनरल क़ासिल सुलेमानी 3 जनवरी को बग़दाद एयरपोर्ट के निकट अपने कई साथियों के साथ अमरीकी ड्रोन हमले में शहीद हो गए थे।

अल-जज़ीरा ने एक पॉडकास्ट जारी करके उन्हें ईश्वर मार्ग का योद्धा बताया, तो आले सऊद शासन और सऊदी सरकारी टीवी चैनल अल-अरबिया को यह बहुत बुरा लगा।

26 मिनट के पॉडकास्ट में जनरल क़ासिम सुलेमानी की ज़बानी उनका परिचय पेश किया गया है। उसके टीज़र में उन्हें कहते हुए सुना जा सकता हैः

मैं क़ासिम सुलेमानी हूं। मैं एक ऐसा सिपाही हूं, जिसने अपना जीवन इस्लाम, इस्लामी क्रांति और उसके सम्मान के लिए वक़्फ़ कर दिया है, मैं सुलेमानी हूं, ईश्वरीय मार्ग का योद्धा, ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स की क़ुद्स ब्रिगेड का कमांडर, मेरे नाम से ही सबसे बड़े शैतान और दुश्मन ज़ायोनियों के बदन कांपने लगते हैं, इस क्षेत्र में साम्राज्यवादियों के पिट्ठू उससे डरते हैं, मेरा पद कुछ भी हो, मैं इस्लामी क्रांति के सिपाहियों में से एक हूं, एक ऐसा सिपाही हूं, जो ईश्वर की प्रशंसा करता है, वह ईश्वर जिसने दुनिया की मोहब्बत से मेरे दिल को पाक रखा और उसने मेरी सबसे बड़ी इच्छा, अपने मार्ग में मेरी शहादत को स्वीकार किया।

क्षेत्र में अमरीका और इस्राईल के अलावा सऊदी अरब और उसके सहयोगी जनरल क़ासिम सुलेमानी को अपने हितों के लिए सबसे बड़ा ख़तरा समझते थे और उनसे सबसे ज़्यादा डरते थे। यही वजह है कि उन्हें शहीद करने में इस्राईल और सऊदी अरब ने अमरीका की भरपूर मदद की थी।