सूरए अहज़ाब की आयत क्रमांक 63 का अनुवादः
(हे पैग़म्बर!) लोग आपसे प्रलय के समय के बारे में पूछते हैं। कह दीजिए कि उसका ज्ञान तो बस ईश्वर ही के पास है। आपको क्या मालूम? शायद वह समय निकट ही हो।
संक्षिप्त टिप्पणी:
अहम यह है कि हर ईमान वाला व्यक्ति प्रलय के समय को निकट समझे और अपने व्यवहार और कर्म का ध्यान रखे।
इस आयत से मिलने वाले पाठ:
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प्रलय के समय को न जानने से उसके घटित होने पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता और ईमान वाले पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की सच्चाई पर ईमान के आधार पर प्रलय पर ईमान रखते हैं।
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हमें हमेशा मौत के आने और ईश्वर के न्यायालय में उपस्थित होने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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मौत के समय का जानना अहम नहीं है, मौत की तैयारी महत्वपूर्ण है।