जनरल हुसैन सलामी ने फ़ार्स की खाड़ी की सुरक्षा को ईरान की रक्षा रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि इस इलाक़े में किसी भी ख़तरे का तुरंत मुंहतोड़ जवाब देंगे।
उन्होंने बूमूसा, तुंबे बुज़ुर्ग और क़िश्म द्वीप का दौरे किया और इन इलाक़ों में तैनात फ़ोर्सेज़ की तय्यारी की समीक्षा के करते हुए कहाः "हम अमरीकियों को बताना चाहते हैं कि हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, जल सीमाओं, जहाज़ों और अपनी सैनिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर हैं, इसलिए किसी भी ख़तरनाक क़दम का मुंहतोड़ जवाब देंगे।"
उन्होंने कहा कि आईआरजीसी की नौसेना इकाइयों को हुक्म दिया गया है कि अगर आतंकवादी अमरीकी फ़ोर्स के जंगी जहाज़, ईरान की सैन्य बोट या ग़ैर जंगी नौकाओं की सुरक्षा को ख़तरे में डालें तो उसे मार दो।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपने ताज़ा ट्वीट में, फ़ार्स खाड़ी में इस देश की ग़ैर क़ानूनी मौजूदगी का ज़िक्र किए बग़ैर, कहा है कि अमरीकी नौसेना को फ़ार्स की खाड़ी में मौजूद ईरानी बोट्स को निशाना बनाने का आदेश दिया गया है।
आईआरजीसी के मुख्य कमान्डर जनरल हुसैन सलामी ने ‘नूर’ सैटलाइट की सफल लॉन्चिंग का ज़िक्र करते हुए कहा कि जल, थल और हवा में अपनी रक्षात्मक गतिविधियों को विकसित करने के लिए जी जान लगा देंगे।
उन्होंने बल दिया कि आईआईजीसी आधुनिक हथियारों के उत्पादन में हर दिन कुछ न कुछ नया कर रहा है और इस राह पर वह आगे बढ़ता रहेगा।
ग़ौरतलब है कि आईआरजीसी ने बुधवार 22 अप्रैल को ‘नूर’ सैटलाइट को 425 किलोमीटर की ऊंचाई पर ज़मीन की कक्षा में भेजा। यह इस्लामी गणतंत्र ईरान का सैन्य आयाम वाला पहला सैटलाइट है।