एन्टी वायरस रिसर्च पत्रिका के हवाले से स्पूतनिक न्यूज़ एजेन्सी ने बताया है कि इस दवा का एक ही डोज़ 48 घंटों के भीतर वायरस के आरएनए को शरीर से बाहर निकाल देता है और दवा खाने के 24 घंटों के भीतर ही शरीर में वायरस की संख्या असाधारण रूप से कम हो जाती है।
अब तक इस दवा को एचआईवी, ज़ीका और इल्फ्लूंज़ा और डेंगू जैसे वायरस के खिलाफ पहले ही प्रयोग किया जाता रहा है लेकिन कोरोना वायरस से संक्रमित किसी रोगी के उपचार के लिए अभी तक इसे प्रयोग नहीं किया गया है लेकिन प्रयोगशाला में और प्रयोग के तौर पर इसके परिणाम हैरत अंगेज़ हैं। यही वजह है कि अब इसे कोरोना के रोगियों पर प्रयोग किये जाने की तैयारी हो रही है।
याद रहे कोरोना वायरस की अभी तक कोई अचूक दवा नहीं बनायी जा सकी है और नयी दवा बनाने में काफी समय लग सकता है तब तक पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर तबाही फैल सकती है।