दोनों संस्थाओं की ओर से जारी संयुक्त बयान में इन दोनों संस्थाओं ने ऋणदाताओं से अपील की है कि यदि अपील की जाए तो अंतर्राष्ट्रीय विकास एसोसीएशन "आईडीए" के सदस्य देशों से ऋणों की अदाएगी को तुरंत स्थगित किया जाए।
संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस समय दुनिया की आबादी का एक चौथाई भाग और दुनिया के दो तिहाई लोग बहुत ही निर्धनता में जीवन व्यक्त करने वाले राष्ट्रों को महामारी का सामना है।