आत्महत्या करने वाली नर्स पिछले कई सप्ताहों से कोरोना के मरीज़ों से भरे अस्पताल में बहुत ही गहरे निरिक्षक वाले वार्ड में सेवाएं दे रही थीं और वह स्वयं भी इस वायरस से ग्रस्त हो चुकी थीं जिसके बाद उन्होंने अपने ज़िंदगी का ख़ात्मा कर लिया।
ब्रिटिश समाचार पत्र द टेलीग्राफ़ की रिपोर्ट के अनुसार नर्स फ़ेडरेशन संगठन ने पुष्टि की कि 34 वर्षीय डेनीला तेरीज़ी ने कोरोना वायरस में ग्रस्त होने के बाद भीषण मानसिक दबाव की वजह से अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली।
नर्स फ़ेडरेशन के एक अधिकारी का कहना था कि आत्महत्या करने वाली नर्स पिछले कई सप्ताहों से कोरोना से सबसे अधिक संक्रमित क्षेत्र लम्बारे के सबसे व्यस्त अस्पताल के बहुत ही गहरे निरिक्षक वाले वार्ड आईसीयू में सेवाएं दे रही थीं।
नर्स फ़ेडरेशन के अनुसार आत्महत्या करने वाली नर्स निरंतर हज़ारों नये मरीज़ों के आने और अस्पताल में प्रतिदिन दर्जनों लोगों के मरने को देखने की वजह से बहुत अधिक मानसिक दबाव में ग्रस्त हो गयी थीं।
द टेलीग्राफ़ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पूरे इटली में कुल मिलाकर 5 हज़ार मेडिकलकर्मी भी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से कई के मरने की भी सूचनाएं हैं किन्तु अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि कोरोना से मेडिकल दल के कितने लोग मारे जा चुके हैं।
ज्ञात रहे कि 26 मार्च की सुबह तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 74 हज़ार से अधिक हो चुकी थी।
कोरोना वायरस के मरीज़ों के संबंध में दूसरा बड़ा देश अमरीका बन चुका है जहां 26 मार्च की सुबह तक मरीज़ों की संख्या बढ़कर 69 हज़ार हो चुकी थी और वहां मरने वालों की संख्या एक हज़ार से अधिक हो चुकी है।
26 मार्च की सुबह तक दुनियाभर में कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या 4 लाख 72 हज़ार से अधिक हो चुकी थी जबकि मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 21 हज़ार 300 से अधिक हो चुकी थी।