सूरए अहज़ाब की आयत क्रमांक 21 का अनुवादः
निश्चित रूप से तुम्हारे लिए ईश्वर के पैग़म्बरे (के चरित्र) में एक उत्तम आदर्श है उस व्यक्ति के लिए जो ईश्वर और (प्रलय के) अंतिम दिन की आशा रखता हो और ईश्वर को बहुत अधिक याद करता हो।
संक्षिप्त टिप्पणी:
अपनी इस प्रयास व श्रम के साथ ही पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने लोगों के दिल में ईश्वर की याद जीवित करते थे और उन्हें याद दिलाते थे कि ईश्वर ने ईमान वालों से विजय का वादा किया है।
इस आयत से मिलने वाले पाठ:
- पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम युद्ध व जेहाद के समय, सैन्य वस्त्र धारण करते थे और युद्ध की कमान अपने हाथ में लेते थे।
- उनका धर्म, शासन से अलग नहीं था।
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वे लोगों की सांसारिक सुरक्षा व कल्याण के साथ ही प्रलय में उनके स्थायी मोक्ष व कल्याण के भी इच्छुक थे।
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पैगम़्बरे इस्लाम, अन्य लोगों की तरह ही साधारण व सामान्य जीवन बिताते थे अतः वे सभी ईमान वालों का आदर्श हैं।
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वे ज़मीन पर रहते थे और ज़मीनी लोगों के जीवन का आदर्श थे।
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वे रणक्षेत्र में भी अपने गुप्त ज्ञान के आधार पर काम नहीं करते थे बल्कि युद्ध के सिद्धांतों व रणनीतियों का पालन करते थे।
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अगर दुनिया भर के मुसलमान, पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम को अपना आदर्श बनाते तो आज दुश्मनों के मुक़ाबले में वे इतने अपमानित व कमज़ोर नहीं होते।