23 मार्च 2020 - 13:38
कोरोना वायरस की बुरी ख़बरें पढ़ पढ़ कर थक गए हैं तो इस वायरस के बारे में दिल ख़ुश कर देने वाली कुछ ख़बरें भी पढ़ लीजिए!

कोरोना वायरस और कोविड-19 के बारे में आजकल चिंताजनक और दुखद ख़बरें बरसात के पानी की तरह बरस रही हैं। हालत यह है कि इंसान यह ख़बरें पढ़ पढ़ कर और देख देख कर कभी निराशा में डूबने लगता है लेकिन इस बीच हम आपको कुछ ख़ुश ख़बरी भी देना चाहते हैं। आपके लिए ज़रूरी है कि गिलास का आधा भरा हुआ भाग देखिए ताकि ख़ुद को निराशा से बचा सकें।

यह भी बता दें कि हमारा यह मक़सद कदापि नहीं है कि हम कोरोना वायरस की गंभीरता को नज़रअंदाज़ करना चाहते हैं बल्कि सावधानी के सारे उपायों पर भरपूर आग्रह के साथ हम आपको कुछ अच्छी ख़बरें देना चाहते हैं।

  1. आंकड़ों से पता चला है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले 99 प्रतिशत लोग ठीक हो जाते हैं, कुछ  लोगों को तो पता भी नहीं चल पाता कि वह कोरोना से संक्रमित हैं और इस बीच वह ठीक भी हो जाते हैं।
  2. इस बीमारी ने हज़ारों जानें ले ली हैं लेकिन विश्व स्तर पर इस वायरस से मौत की दर लगभग 1  प्रतिशत या उससे भी कम है। जबकि सार्स में यह दर 11 प्रतिशत थी।
  3. बच्चे इस वायरस की चपेट में कम आते हैं और आते भी हैं तो उनकी हालत ज़्यादा गंभीर नहीं होती।
  4. दुनिया ने इस मामले की गंभीरता को अच्छी तरह भांप लिया है इसलिए बहुत मुसतैदी से क़दम उठाए जा रहे हैं।
  5. वैज्ञानिक बड़ी तनमयता से यह पता लगा रहे हैं कि कोरोना वायरस इंसान की कोशिकाओं में किस तरह प्रवेश करता है, इसका पता लगने के बाद बीमारी का इलाज खोजने में बड़ी मदद मिलेगी।
  6. कोरोना का वैक्सीन तैयार करने के लिए देशों के बीच होड़ सी लग गई है। डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को एलान किया था कि कई देशों के वैज्ञानिक आपसी सहयोग से उन दवाओं पर काम कर रहे हैं जिनका अभी प्रयोग नहीं किया गया है और वह कोरोना का इलाज करने की क्षमता रखती हैं।
  7. आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक दो दवाओं पर काम कर रहे हैं जो कोरोना का इलाज कर सकती हैं। इनमें प्रोफ़ेसर कैथ्रीन किड्ज़ीर्स्का भी हैं जिनका कहना है कि उन्होंने यह पता लगा लिया है कि इंसान का इम्यून सिस्टम किस तरह कोरोना से लड़ता है। यह शोध नेचर मेडिसिन मैगज़ीन में प्रकाशित हुआ है।
  8. एक जापानी दवा है जिसका नाम फ़ेवीपीरावीर है जिससे कोरोना का इलाज किया गया। इस दवा पर वुहान में भी प्रयोग किया गया और अच्छा नतीजा सामने आया।
  9. जर्मनी की कोरवाक कंपनी का कहना है कि कुछ महीनों में कोरोना का वैक्सीन तैयार कर लिए जाने की आशा है क्योंकि वैज्ञानिकों को इस संदर्भ में अच्छी सफलता मिली है।
  10. चीन भी कोरोना का वैक्सीन तैयार करने के लिए पांच विकल्पों पर काम कर रहा है और वैज्ञानिक कहते हैं कि अप्रैल तक इस संदर्भ में बड़ी सफलता मिल जाने की आशा है।
  11. जर्मनी में एक प्रतिष्ठित चिकित्सा केन्द्र ने कहा है कि मलेरिया के इलाज के लिए प्रयोग होने वाली दवा क्लोरोकीन से कोरोना का इलाज किया जा सकता है। संस्था का कहना है कि चीन और इटली में बड़ी संख्या में बीमारों का इलाज इस दवा से किया गया।
  12. वायरस के लिए प्रयोग की जाने वाली दवा रेमेडिसीविर जिसे अमरीका की गीलियाड कंपनी बनाती है इस समय प्रयोग के अंतिम चरण से गुज़र रही है और चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दवा कोरोना से लड़ने में कारगर साबित हुई है।
  13. ईरान ने भी कोरोना का इलाज करने वाली एक दवा बनाई है। ईरानी वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने तीन अलग अलग दवाओं को मिलाकर नई दवा बनाई है जो कोरोना के बीमारों में बहुत लाभदायक साबित हुई है।

स्रोतः तसनीम न्यूज़, अलजज़ीरा डाट नेट