14 मार्च 2020 - 17:26
सीएए पर अमित शाह के बयान का कड़ा विरोध, सरकार से इस क़ानून को पूरी तरह से ख़त्म करने की मांग

भारत में नागरिकता संशोधन क़ानून के बचाव में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद में दिए गए बयान का कड़ा विरोध किया जा रहा है।

भारत के कई विपक्षी सांसदों ने शनिवार को संसद में दिए गए अमित शाह के बयान का विरोध करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार को सीएए को सकारात्मक दर्शाने के बजाए, इस काले क़ानून को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी के कुछ सांसदों ने सरकार की ओर से नागरिकता सिद्ध को तर्कहीन बताया और संशोधित क़ानून को तुरंत निरस्त करने की मांग की है और कहा है कि मोदी सरकार का यह क़दम, भारत के राजनैतिक भविष्य को कड़ी चोट पहुंचाएगा।

 

इस बीच भारत के एक मशहूर वकील महमूद पराचा ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में जो बयान दिया है उससे पता चलता है कि मोदी सरकार, भारत को जातीय व्यवस्था में फंसाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार, मुसलमानों की नागरिकता समाप्त करके उन्हें कमज़ोर स्थिति में लाना चाहती है ताकि वे अपने आरंभिक अधिकारों का भी बचाव न कर सकें। ज्ञात रहे कि दो महीने से अधिक समय से पूरे भारत में सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ धरनों का प्रदर्शनों का क्रम जारी है।