सैयद इब्राहीम रईसी ने भारत के मुसलमानों के विरुद्ध की गई हिंसक कार्यवाही पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि भारत की न्यायपालिका को दिल्ली दंगों के ज़िम्मेदारों के विरुद्ध उचित क़ानूनी कार्यवाही करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में जनता के बीच मतभेद फैलाने के अमरीकी प्रयासों की भारतीय अधिकारियों को गहन समीक्षा करनी चाहिए। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख ने कहा कि भारत की सरकार को चाहिए कि वह अतिवादियों को मनमानी करने की अनुमति न दे क्योंकि उससे क्षेत्र की स्थिति अधिक संकटग्रस्त होगी। उन्होंने भारत में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर मानवाधिकारों का ढिंढोरा पीटने वालों के मौन की आलोचना करते हुए कहा कि उनका यह मौन सिद्ध करता है कि वे मानवाधिकारों के सम्मान के स्थान पर वर्चस्ववादियों के हाथों की कठपुतली के रूप में काम करते हैं।
ज्ञात रहे कि भारत की राजधानी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर ईरान के विरिष्ठ नेता सहित देश के कई वरिष्ठ अधिकारी अपनी प्रतिक्रियाएं दे चुके हैं।