फ़्रांस में तैनात ईरान के राजदूत बहराम क़ासिमी ने कहा कि यह कठिन दिन तो गुज़र ही जाएंगे किन्तु हर देश को ऐसा रवैया अपनाना चाहिए कि उसे फिर इतिहास में शर्मिंदगी न उठानी पड़े।
श्री बहराम क़ासिमी ने ट्वीट किया कि ऐसी स्थिति में कि जब ईरान अपने राष्ट्रीय और स्थानीय संसाधनों पर भरोसा करते हुए कोरोना वायरस से युद्ध कर रहा है, कुछ देश देश की स्थिति की नज़ाकत को समझने के बजाए अमरीका की ज़्यादा से ज़्यादा दबाव की नीति पर अमल करते हुए ईरान पर दबाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
इससे पहले ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने भी कोरोना संकट के दौरान अमरीका की आर्थिक और चिकित्सकीय आतंकवाद की ओर संकेत करते हुए विश्व समुदाय से मांग की थी कि वह इसके मुक़ाबले के लिए मैदान में आए।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस समय तक ईरान में 7161 मामले दर्ज किए जा चुके हैं जिनमें से 237 लोग जान की बाज़ी हार चुके हैं।