इस्राईली सेना ने दावा किया है कि उसने हमास की इस कोशिश को नाकाम बना दिया है और यह वास्तव में इस्राईली सैनिकों के मोबाइल फोन में जासूसी के लिए साफ्टवेयर डालने की हमास की तीसरी कोशिश थी लेकिन सोशल मीडिया पर जो लड़कियां नज़र आ रही थीं उन तक नहीं पहुंचा जा सका है।
इस्राईल ने बताया है कि हमास ने एक बार फिर इस्राईली सेना की जासूसी की कोशिश की है और वह कई सैनिकों के सेल फोन हैक करने में कामयाब हो गया। इस्राईली सैनिकों ने सोशल मीडिया पर खूबसूरत लड़कियों से न्यूड फोटो के लिए उनके द्वारा दिये गये लिंक को डाउनलोड कर लिया जिससे उनका फोन हैक हो गया।
इस्राईली सेना ने दावा किया है कि समय पर पता चलने की वजह से उन्हें कोई खास नुकसान नहीं हुआ है।
इस्राईली सेना ने बताया है कि हालिया वर्षों में हमास की ओर से इस तरह की यह तीसरी कोशिश है और इस्राईली सेना का कहना है कि यह अंतिम कोशिश नहीं होगी।
इस्राईली सेना ने बताया है कि यह जुलाई 2018 से शुरू हुआ लेकिन ताजा प्रयास अलग था, हमास ने इस बार व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलिग्राम का भी इस्तेमाल किया। रिपोट में दावा कया गया है कि सोशल मीडिया पर खूबसूरत लड़कियों के रूप में सैनिकों से फ्रेंडशिप की जाती है और उन्हें तस्वीरें, वॉइस मैसेज भेजे जाते हैं, लड़कियां स्वंय को शरणार्थी बताती हैं और उनकी प्रोफाइल कई जगह मिलती है और रिवर्स इमेज सर्च पर उनके फोटो ट्रैक नहीं हो पाते , जिसकी वजह से प्रोफाइल के असली होने का भ्रम हो जाता है।
इस्राईली सेना के अनुसार, हमास की महिला सदस्य, स्वंय को शरणार्थी बताती थीं और गूंगी या फिर बहरी थी बताती थीं ताकि न तो इस्राईली सैनिक भाषा आदि में गलती पकड़ सके और न ही बात चीत की मांग कर सके।
इस्राईली अधिकारियों ने बताया है कि हमास ने इस बार जासूसी के लिए बेहद आधुनिक तरीका अपनाया था लेकिन इस्राईली सेना को तत्काल पता चल गया था मगर मामले की जांच के लिए सेना ने खामोशी से मामले पर नज़र रखी।
याद रहे फिलिस्तीनी संगठन कई बार इस्राईल की खुफिया एजेन्सियों को चकमा दे चुका है।