13 फ़रवरी 2020 - 14:24
क्या जनरल क़ासिम सुलैमानी का मिशन सैयद नसरुल्लाह संभालेंगे और इराक़ी संगठनों को एकजुट करेंगे? क्या शहीद सुलैमानी और उनके मित्र अ

समाचार एजेंसी रायटर्ज़ ने एक लंबी रिपोर्ट जारी की है जिसे इराक़ी और ईरानी सूत्रों के हवाले से तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि हिज़्बुल्लाह ने हालिया दिनों इराक़ी संगठनों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं जिनका मक़सद सारे सशस्त्र संगठनों को एकजुट करना है ताकि जनरल क़ासिम सुलैमानी और अबू महदी अलमुहंदिस की अमरीका के आतंकी हमले में हत्या का इंतेक़ाम लिया जाए।

यह बैठकें इराक़ में हिज़्बुल्लाह लेबनान के प्रतिनिधि शैख़ मुहम्मद अलकौसरानी की मेज़बानी में हुईं जो जनरल क़ासिम सुलैमानी के बहुत क़रीबी हैं।

हिज़्बुल्लाह और इराक़ी संगठनों के बीच इस तरह की बैठकें कोई नई बात नहीं है क्योंकि दाइश को उखाड़ फेंकने के लिए जनरल क़ासिम सुलैमानी की निगरानी में इराक़ी संगठनों का गठन हुआ यह बात सब जानते हैं। इसके लिए हिज़्बुल्लाह लेबनान का प्रयोग दोहराया गया। हिज़्बुल्लाह को इस्राईली ख़तरे का मुक़ाबला करने के लिए बनाया गया था।

इराक़ी हिज़्बुल्लाह का गठन अन्य इराक़ी संगठनों से पहले हुआ और इस संगठन ने 2003 के युद्ध के बाद इराक़ में अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ बहुत सफलता के साथ हमले किए लेकिन इस संगठन के नेतृत्व के बारे में कभी कोई एलान नहीं किया गया।

हमें तो लगता है कि अब इराक़ी सशस्त्र संगठनों और हिज़्बुल्लाह को एक मज़बूत एलायंस के तहत एकजुट करने का काम चल रहा है और यह काम सैयद हसन नसरुल्लाह की निगरानी में हो रहा है। क्योंकि जनरल क़ासिम सुलैमानी के बाद अब सैयद हसन नसरुल्लाह वह नेता हैं जिनके पास बेमिसाल नेतृत्व क्षमता है और सबसे बड़ी बात यह कि सभी संगठन उनका दिल से सम्मान करते हैं।

सशस्त्र संगठनों के बीच समन्वय बैठकों का सिलसिला जनरल क़ासिम सुलैमानी और अबू महदी अलमुहंदिस की हत्या का इंतेक़ाम लेने के लिए तेज़ हो गया है। इंतेक़ाम केवल इराक़ नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी एशिया के इलाक़े में लिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि ईरान ने अमरीकी छावनी एनुल असद पर जो भयानक मिसाइल हमला किया था वह इंतेक़ाम की केवल शुरुआत थी।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान को इस्राईली क़ब्ज़े से आज़ाद कराने का मिशन और वर्ष 2006 का युद्ध बड़ी दक्षता और कुशलता के साथ संभाला था और अब अमरीका और इस्राईल के ख़िलाफ़ शुरू हो चुके नए युद्ध में भी वह एक बार फिर अपना कौशल दिखाने जा रहे हैं। यह भी याद रखना होगा कि राजनैतिक और धार्मिक दृष्टि से सैयद हसन नसरुल्लाह का स्थान बहुत ऊंचा है।

जनरल सुलैमानी और उनके मित्र अलमुहंदिस की हत्या का इंतेक़ाम कब शुरू होगा? किस रूप में होगा? क्या एक बार में होगा या कई चरणों में और कई मोर्चों पर?

अभी इन सवालों का जवाब दे पाना कठिन है लेकिन हमें इतना तो यक़ीन है कि इंतेक़ाम का फ़ैसला किया जा चुका है और इंतेक़ाम का समय क़रीब आ गया है।

साभार रायुल यौम