8 फ़रवरी 2020 - 17:48
ताक़तवर बनो ताकि दुशमन युद्ध करना तो दूर धमकी देने की भी हिम्मत न करेंः सुप्रीम लीडर

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईरान को हर क्षेत्र में सशक्त बनाने पर बल दिया है। उन्होंने कहा है कि यह इसलिए है ताकि युद्ध से बचा जाए और शत्रु धमकियां देने की भी हिम्मत न कर सके।

ईरान की वायुसेना के कमांडरों और अधिकारियों ने शनिवार को तेहरान में इस्लामी क्रांति के वरिषष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई से भेंट की।  इस भेंट में वरिष्ठ नेता ने कहा कि कमज़ोर रहने से शत्रु में कुछ करने का साहस पैदा होने लगता है।  उन्होंने कहा कि हम किसी भी देश को धमकाने के पक्षधर नहीं हैं बल्कि देश की सुरक्षा की रक्षा करने और चुनौतियों को रोकने के हित में हैं।

वरिष्ठ नेता ने देश की सशस्त्र सेना के ढांचे को विभिन्न क्षेत्रों में  हर आयाम से सुदृढ़ करने और क्षमताओं का अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान किया।  उनका कहना था कि अमरीका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष विगत में इस सरकार की शैतानी चालों का अनुसरण गोपनीय ढंग से किया करते थे किंतु अब वे सारे काम खुलकर कर रहे हैं।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान के शत्रु राष्ट्र की यह शैली निश्चित रूप से विफल होकर रहेगी।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अमरीकी प्रतिबंधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि धमकियां, अवसरों में परिवर्तित हो जाएंगी और प्रतिबंध, जो खुला हुआ अत्याचारी काम है, तेल पर देश की निरभर्ता को समाप्त करने का कारण बन सकता है जिससे बहुत सी समस्याओं का समाधान हो सकता है।  उन्होंने साथ ही यह भी याद दिलाया कि अमरीकी प्रशासन में मौजूद कुछ लोग, इस विषय से भलिभांति अवगत हैं।  उनका यह कहना है कि ईरान को तेल की निरभर्ता के बिना अर्थव्यवस्था का अनुभव नहीं करना चाहिए।  अमरीकी प्रशासन के कुछ अधिकारी यह चाहते हैं कि ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तेल की निरभर्ता से अलग न होने पाए।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि देश के आर्थिक मामलों के ज़िम्मेदारों को इस बारे में पूरी तरह से होशियार रहना चाहिए।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने शत्रु के षडयंत्रों की जटिलता की ओर संकेत करते हुए कहा कि उनके मुक़ाबले में इस्लामी गणतंत्र ईरान की शैलियां भी जटिल होती जा रही हैं जिन्होंने शत्रु को अचंभित कर रखा है।