प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अलमयादीन टीवी चैनल को एक इंटर्व्यू देते हुए इस बात पर बल देते हुए कहा है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या करके क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को समाप्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ईरान अंतर्राष्ट्रीय अदालत में इस मामले में ट्रम्प के ख़िलाफ़ मुक़द्दामा दर्ज करेगा। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी की शव यात्रा में लाखों लोगों की उपस्थिति अमेरिकी सरकार के मुंह पर ज़ोरदार तमाचा थी। उन्होंने कहा कि इसके प्रभाव अमेरिकी सेना के पश्चिमी एशिया से बाहर निकलने तक जारी रहेंगे।
मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ अमेरिकी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि, तुम्हे एक सैन्य कमांडर का मुक़ाबला युद्ध के मैदान में करना चाहिए था, कायराना कार्यवाही के ज़रिए उनकी हत्या नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि, वैसे अमेरिका और ज़ायोनी शासन हमेशा से इसी तरह की कायराना कार्यवाही करते आए हैं। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने सेंचुरी डील नामक योजना का एलान करके यह सिद्ध कर दिया कि, इतिहास में उसकी महत्वाकांक्षाएं ज़ायोनियों से कहीं अधिक रही है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने इस योजना के माध्यम से यह भी सिद्ध कर दिया कि, वह किसी भी मामले के हल के लिए मध्यस्थता नहीं कर सकते हैं।