सोमवार को इस्लामी सहयोग संगठन की जद्दा में बैठक आयोजित हुयी ताकि पिछले मंगलवार को वाइट हाउस में ट्रम्प की ओर से ज़ायोनी प्रधान मंत्री नेतनयाहू की मौजूदगी में अनावरण की गयी ‘सेन्चुरी डील’ पर चर्चा हो।
इस 57 सदस्यीय संगठन ने कहा कि वह सभी सदस्य देशों से अपील करता है कि वह इस योजना के संबंध में किसी तरह की सक्रियता न दिखाएं और न ही अमरीकी सरकार के साथ किसी तरह का सहयोग करें।
ट्रम्प की इस योजना में जो विवादित बातें हैं उनमें पूर्वी अलक़ुद्स को इस्राईल की अविभाजित राजधानी के रूप में मान्यता दी गयी है और अतिग्रहित पश्चिमी तट तथा जॉर्डन वैली में ज़ायोनी शासन द्वारा बनायी गयी अवैध कॉलोनियों को इस्राईल में शामिल करने का प्रावधान रखा गया है।
सभी फ़िलिस्तीनी गुटों ने ट्रम्प की इस योजना को कड़ाई से रद्द किया है। स्वशासित फ़िलिस्तीनी प्रशासन के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने शनिवार को इस्राईल और अमरीका के साथ संबंध ख़त्म करते हुए कहा है कि वह फ़िलिस्तीनी-इस्राईली विवाद में अपना नाम ग़द्दारों में नहीं लिखवाना चाहते।
सऊदी अरब ने ट्रम्प की इस योजना का स्वागत किया है।