31 जनवरी 2020 - 16:59
सीरियाई सेना की प्रगति से अर्दोगान के दिल की धड़कनें क्यों बढ़ने लगीं, तुर्की ने रूस को क्यों दी धमकी?

जैसे जैसे सीरियाई सेना देश में आतंकवादियों के अंतिम मज़बूत गढ़ इदलिब में प्रगति कर रही है, तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान के दिल की धड़कने बढ़ रही हैं।

मंगलवार क आतंकवाद के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई में सीरियाई सेना को उस वक़्त अहम सफलता हालिस हुई, जब सीरियाई सैनिकों ने इदलिब शहर के दक्षिण में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क़स्बे में प्रवेश किया।

सीरिया के पूर्वोत्तर प्रांत इदलिब में सैन्य ऑप्रेशन को लेकर शुक्रवार को तुर्क राष्ट्रपति ने कड़ी धमकी देते हुए कहाः सीरिया में हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठे रहेंगे, सैन्य बल प्रयोग सहित हम कोई भी ज़रूरी क़दम उठाने में हिचकिटाहट से काम नहीं लेंगे।

सीरिया संकट को लेकर अर्दोगान हमेशा यह दावा करते रहे हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन पर विश्वास रखते हैं, जिससे किसी भी समस्या के समाधान में मदद  मिलेगी।

लेकिन बुधवार को तुर्क राष्ट्रपति का लहजा अचानक बदल गया और उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहाः अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि रूस न तो अस्ताना और न ही सोचि समझौतों के प्रति कटिबद्ध है।

वे सीरिया संकट के समाधान के लिए अस्ताना और सोचि में हुए समझौतों का उल्लेख कर रहे थे।

अर्दोगान का कहना थाः अस्ताना प्रक्रिया अब जारी नहीं रह सकती। इदलिब में हम अपना धैर्य खो रहे हैं। रूस इदलिब में बमबारी बंद करे, नहीं तो हम ज़रूरी क़दम उठायेंगे।

ग़ौरतलब है कि 2011 से सीरिया में संकट की शुरूआत से ही अर्दोगान ने सीरिया के उत्तर पूर्वी इलाक़े पर ललचाई हुई नज़रें गाढ़ रखी थीं, लेकिन जैसे जैसे लड़ाई में आतंकवादी गुटों को शिकस्त और सीरियाई सेना को जीत हासिल हुई, अर्दोगान ने भी पाला बदला और वे सीरियाई सरकार के समर्थक रूस और ईरान के निकट आते गए।

अक्तूबर 2019 में कुर्द लड़ाकों के सफ़ाए के बहाने तुर्की ने पूर्वोत्तर सीरिया में अपनी फ़ौज उतार दी और सुरक्षित क्षेत्र की स्थापना के बहाने सीरिया के सीमावर्ती इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया।

दिसम्बर में जब से सीरियाई सेना ने रूस की वायु सेना की सहायता से पूर्वोत्तर में ऑप्रेशन शुरू किया है, अर्दोगान की परेशानी बढ़ने लगी है।

क्योंकि अर्दोगान अच्छी तरह से जानते हैं कि आतंकवादी गुटों के सफ़ाए के बाद सीरियाई सेना अपनी सीमा में मौजूद तुर्की की सैन्य चौकियों का रुख़ करेगी और उनका पुराना सपना एक बार फिर चकनाचूर हो जाएगा।

इदलिब में जारी सीरियाई सेना के ऑप्रेशन को रोकने के लिए तुर्की के अधिकारियों ने रूसी अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं। इन बैठकों में उन्होंने संघर्ष विराम की दुहाई भी दी है, लेकिन मास्को और दमिश्क़, अंकारा समर्थित आतंकवादी गुटों के साथ किसी भी तरह की नर्मी बरतने के लिए तैयार नहीं है।