जनाबे सकीना इमाम हुसैन अ. की 4 साल की मासूम बेटी थीं जिनको कर्बला में प्यासा रखा गया और इस छोटी बच्ची पर बहुत ज़ुल्म ढाए गए नंगे पैर कर्बला से कूफ़ा और फिर सीरिया ले जाया गया रास्ते भर कोड़ों और तमाँचों से सताया गया और फिर अंधेरे कैदख़ाने में रखा गया जहाँ इस्लामी महीने सफ़र की 10 तारीख़ को अपने बाबा को याद करते करते यह बच्ची अपने बाबा से जा मिली।

29 अक्टूबर 2017 - 18:53