2 जनवरी 2020 - 13:10
ईरान पर आरोप , इराक़ पर 17 वर्षों से अपने क़ब्ज़े से ध्यान हटाने की अमरीकी कोशिश, ईरान

संयुक्त राष्ट्र संघ में इस्लामी गणतंत्र ईरान के स्थाई प्रतिनिधि ने अमरीका द्वारा ईरान पर आरोप लगाए जाने को इराक़ पर 17 वर्षों से अपने क़ब्ज़े और इराक़ी जनता के जनसंहार से ध्यान हटाने की अमरीकी कोशिश बताया है।

मजीद तख्त रवांची ने बगदाद में अमरीकी दूतावास पर हमले के बारे में अमरीकी आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कहा कि ईरान पर अमरीकी आरोपों का मक़सद वाशिंग्टन द्वारा इराक़ियाों के हालिया जनंसहार पर इराक में जन आक्रोश से ध्यान हटाना है। 

संयुक्त राष्ट्र संघ में इस्लामी गणतंत्र ईरान के स्थाई प्रतिनिधि ने कहा कि स्वंय सेवी बल हश्दुश्शाबी और उसकी शाखाएं पूरी तरह से इराक़ी संगठन हैं जो इराक़  की सरकार की निगरानी में कानूनी ्और प्रजातांत्रिक रूप से और इराकी नियमों के आधार पर सक्रिय हैं तथा आतंकवादी संगठन दाइश के खिलाफ युद्ध और उन्हें पराजित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 

याद रहे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, बगदाद में अमरीकी दूतावास पर हमले के बाद इस कोशिश में हैं कि इस हमले की ज़िम्मदारी ईरान पर डालें। 

ट्रम्प ने ईरान पर दबाव डालने की अपनी नीति में विफलता पर पर्दा डालने के लिए ईरान को एक बार फिर धमकी दी है। 

याद रहे अमरीकी हमले में शहीद होने वाले स्वंय सेवी बल के जवानों के अंतिम संस्कार के बाद मंगलवार को बगदाद में प्रदर्शनकारियों ने अमरीकी दूतावास का रुख किया था और फिर उसमें आग लगा दी। 

अमरीका ने इराक़ और सीरिया की सीमा पर तैनात, इराक़ी स्वंय सेवी बल की यूनिट 45 और 46 के ठिकानों पर बमबारी की जिसमें स्वंय सेवी बल के कम से कम 30 जवान शहीद और दसियों अन्य घायल हो गये। 

इराक़ और सीरिया की सीमा पर स्थित  अलकायम क्षेत्र जहां स्वंय सेवी बल के जवान तैनात थे, बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है।