31 दिसंबर 2019 - 13:20
भारत, दिल्ली से असम तक प्रदर्शन जारी, बीजेपी में भी उठ रहे हैं विरोध के स्वर

भारत के विभिन्न क्षेत्रों में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरुद्ध विरोध प्रदर्शनों का क्रम सोमवार को भी जारी रहा।

पूर्वोत्तरी राज्य असम में सीएए के विरुद्ध सोमवार को भी प्रदर्शन किए गये। भारतीय मीडिया के अनुसार प्रदर्शनों का प्रबंध आल असम स्टूडेंट यूनियन ने किया था। यह प्रदर्शन गोहाटी और घोरामारी सहित असम के विभिन्न क्षेत्रों में किए गये।

प्रदर्शनकारियों ने तेजपुर और घोरामारी के बीच राजमार्ग को भी बंद कर दिया। असम के प्रदर्शनकारियों ने सीएए के विरुद्ध ज़बरदस्त नारेबाज़ी की।

दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सोमवार को विरोध प्रदर्शन किए गये। जामिया नगर, शाहीन बाग़ और अन्य क्षेत्रों में लोग सीएए और एनआरसी के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं।

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर छात्रों पर पुलिस की हिंसा की निंदा की और सीएए को भारतीय संविधान पर हमला क़रार दिया।

इसी मध्य पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष और सुभाष चन्द्र बोस पर पोते कुमार बोस ने एक बार फिर सीएए के विरोध की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अगर नेता जी सुभाष चन्द्र बोस ज़िंदा होते तो भी भी नागरिकता क़ानून का विरोध करते।

उधर कांग्रेस पार्टी ने सीएए और एनसीआर के विरुद्ध होने वाले प्रदर्शनों में मारे गये लोगों के परिजनों की सहायता की आवश्यकता पर बल देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह प्रदर्शन में मारे गये लोगों के परिजनों की मदद करें।

कांग्रेस पार्टी ने साथ ही प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की हिंसा की न्याययिक जांच की भी मांग की है।