शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने नासेरिया ऑयल फ़ील्ड के कर्मचारियों को तेल प्रतिष्ठान की बिजली काटने के लिए मजबूर कर दिया, जिसके बाद अगली सूचना तक के लिए उसे बंद कर दिया गया।
नासेरिया ऑयल फ़ील्ड से हर दिन 90,000 बैरल तेल का उत्पादन किया जाता है।
इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों ने रिफ़ाइनरियों और बंदरगाहों के रास्तों को बंद किया है, लेकिन पूर्ण रूप से किसी ऑयल फ़ील्ड को पहली बार बंद किया गया है।
इराक़ में पहली अक्तूबर से विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। प्रदर्शकारियों की मांग है कि देश के संविधान में ज़रूरी सुधार किए जाएं और भ्रष्टाचारी नेताओं पर मुक़दमा चलाया जाए।
देश के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह सीस्तानी समेत अधिकांश धार्मिक और राजनीतिक नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर बल देते हुए प्रदर्शनकारियों की मांगें पूरी किए जाने पर बल दिया है।