जंतर मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने सीएए और एनआरसी के साथ साथ मंगलवार को मंत्रीमंडल में मंज़ूर होने वाले एनपीआर का भी विरोध करते हुए इससे एनआरसी की भूमिका क़रार दिया।
भारतीय मीडिया के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुलिस ने छात्रों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को मंडी हाऊस से जंतर मंतर तक विरोध मार्च निकालने से रोक दिया था किन्तु इसके बावजूद वह मंडी हाऊस से मार्च करते हुए जंतर मंतर तक पहुंचे। मार्च में जामिया मिल्लिया और दिल्ली के अन्य विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल थे।
मंडी हाऊस से जंतर मंतर तक निकाली जाने वाली रैली का विभिन्न संगठनों और पार्टियों ने समर्थन किया था और बड़ी संख्या में उनके कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए।
विरोध मार्च में शामिल प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता योगेन्द्र यादव ने सीएए और एनआरसी पर ज़बरदस्त हमला करत हुए कहा कि देश व्यापी जन प्रदर्शनों को देखते हुए केन्द्र सरकार एनआरसी पर कुछ पीछे हटने का इशारा दे रही है लेकिन यह कदापि काफ़ी नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आधिकारिक रूप से घोषणा करनी होगी कि वह एनआरसी को पूरी तरह वापस ले रहे हैं।
उधर कोलकाता में एक बड़ी रैली का नेतृत्व स्वयं मुख्यमंत्री ममत बनर्जी ने किया। उन्होंने शपथ की कि वह राज्य में किसी भी क़ीमत पर एनआरसी और सीएए लागू नहीं होने देंगी।
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के जाधवपुर विश्व विद्यालय में छात्रों ने सीएए और एनआरसी के विरुद्ध ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। जाधवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसी के साथ राज्य के गवर्नर को जो एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वहां पहुंचे थे, कैम्पस में आने से रोक दिया और उन्हें काले झंडे भी दिखाए।