इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार रूपाणी ने मंगलवार को अहमदाबाद के साबरमती आश्रम के बाहर नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान में विभाजन के समय 22 प्रतिशत हिन्दू थे,अब प्रताड़ना, बलात्कार और उत्पीड़न की वजह से उनकी जनसंख्या घटकर केवल 3 प्रतिशत रह गई है इसलिए हिंदू भारत वापस आना चाहते हैं, हम वही काम कर रहे हैं जो कांग्रेस को इन संकटग्रस्त हिंदुओं की मदद के लिए करना चाहिए था और अब हम इसे कर रहे हैं तो आप इसका विरोध कर रहे हैं।
रूपाणी ने कहा कि भारत में मुस्लिम ख़ुश थे, उनकी आबादी नौ प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई, धर्मनिरपेक्ष संविधान की वजह से वे भारत में सम्मान के साथ रहते आए हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं का प्रतिशत 22 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत रह गया है क्योंकि उन्हें प्रताड़ित किया जाता है, उनका बलात्कार होता है, उनकी संपत्तियां लूट ली गईं, वे बहुत पहले भारत आ गए लेकिन उन्हें यहां कोई सुविधाएं नहीं मिली क्योंकि वे भारत के नागरिक नहीं हैं। बांग्लादेश में हिंदू आबादी का केवल दो प्रतिशत है जबकि अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं और सिखों की संख्या लगभग 500 है जबकि पहले यह दो लाख से अधिक थी।
नागरिकता क़ानून के विरोध के लिए विपक्ष को ज़िम्मेदार बताते हुए रूपाणी ने कहा कि कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियां लोगों को भ्रमित कर, दंगे कराकर और सार्वजनिक संपत्ति नष्ट कर देश में अशांति फैला रही हैं, मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि यह नागरिकता क़ानून महात्मा गांधी के उस कथन के ख़िलाफ़ कैसे है, जब गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान के हिंदू जब चाहे वे भारत आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने ऐलान किया था कि अगर हमारी सरकार बनती है तो हम अनुच्छेद 370 हटा देंगे, हम राम जन्मभूमि में मंदिर का मार्ग प्रशस्त करेंगे, तीन तलाक़ खत्म करेंगे, शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए नागरिकता क़ानून लागू लाएंगे, एनआरसी को लागू करेंगे और घुसपैठियों को वापस भेजेंगे।