पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नेता चंद्र कुमार बोस ने ट्वीट करके इस क़ानून को भेदभाव करने वाला बताया है।
ग़ौरतलब है कि चंद्र कुमार बोस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते हैं।
उन्होंन लगातार दो ट्वीट करके इस क़ानून की निंदा की और कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जो कभी धर्मों और समुदायों के लिए खुला है।
उन्होंने सवाल किया कि अगर अगर नागरिकता संशोधन क़ानून किसी धर्म से जुड़ा नहीं है तो इसमें केवल हिंदू, सिख, बुद्ध, ईसाई, पारसी और जैन ही क्यों शामिल हैं? उनकी तरह मुसलमानों को शामिल क्यों नहीं किया गया।
इस बीच, ऐसे समय में जब देश विदेश में इस काल क़ानून की कड़ी आलोचना का सिलसिला जारी है और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को सिमी जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जोड़ना शुरू कर दिया है।
जानकारों का मानना है कि इस तरह यूपी में बीजेपी सरकार विरोध प्रदर्शनों को रोकना चाहती है, इसलिए कि पुलिस बल पर वह ऐसा करने में नाकाम रही है।
लखनऊ में यूपी पुलिस ने दावा किया है कि लखनऊ समेत कई ज़िलों में हिंसा भड़काने के पीछे प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का हाथ है।