महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि नागरिकता संशोधन क़ानून के लागू होने के बाद मुसलमानों को इससे डरने की ज़रूरत नहीं है और राज्य, सांप्रदायिक आधार पर किसी भी नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होने देगा।
शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने एनआरसी और नागरिकता संशोधन क़ानून पर उठ रही चिंताओं के संबंध में कहा कि राज्य में हम किसी भी डिटेंशन कैंप की इजाज़त नहीं देंगे। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हालिया एनआरसी और नागरिकता संशोधन क़ानून विवाद में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
इससे पहले एनआरसी पर उनका कहना था कि वह सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का इंतजार करेंगे क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता क़ानून और एनआरसी पर कई याचिकाएं विचाराधीन हैं।
उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि महाराष्ट्र में एनआरसी को लागू किया जाएगा या नहीं।