भारत ने कहा है कि मलेशिया को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने और गल़त बयान देने से बचना चाहिए। शुक्रवार को कुआलालंपुर सम्मेलन में मलेशिया के प्रधानमंत्री महातीर मुहम्मद ने नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के बारे में कहा था कि भारत में सब लोग 70 साल से साथ रहते आए हैं, ऐसे में इस क़ानून की ज़रूरत ही क्या थी? भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा गया है कि मलेशिया के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर भारत के आंतरिक मामले पर बयान दिया है।
महातीर मुहम्मद कश्मीर से धारा 370 ख़त्म किए जाने पर भी भारत पर कड़ी टिप्पणी कर चुके हैं। 24 सितंबर को महातिर मोहम्मद ने संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में कहा था कि भारत ने कश्मीर पर क़ब्ज़ा कर रखा है. मलेशिया के इस रुख़ को लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी जिस पर भारत और मलेशिया के बीच तनाव बढ़ गया था।