19 दिसंबर 2019 - 12:59
मुशर्रफ़ ने ग़द्दारी केस से बचने की भरपूर कोशिश की

पाकिस्तान की विशेष अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के विरुद्ध भीषण ग़द्दारी केस का विस्तृत फ़ैसला जारी कर दिया जिसमें दो जजों ने पूर्व राष्ट्रपति को ग़द्दारी का मुजरिम क़रार देते हुए उन्हें सज़ाए मौत दी।

इस्लामाबाद में मौजूद विशेष अदालत की तीन सदस्सीय बेंच ने 17 दिसम्बर को परेवज़ मुशर्रफ़ ग़द्दारी केस के संक्षिप्त फ़ैसले में उन्हें आर्टिकल 6 के अंतर्गत सज़ाए मौत सुनाई।

अदालत ने आज इस केस का 167 पृष्ठों पर आधारित विस्तृत ब्योरा जारी किया। अदालत का विस्तृत ब्योरा जस्टिस वक़ार सेठ ने लिखा और जस्टिस शाहीद करीम ने उनका सहयोग किया। जस्टिस शाहिद करीम ने सज़ा पर सहमति व्यक्त की लेकिन उन्होंने फ़ैसले में शामिल पैराग्राफ़ 66 से मतभेद किया जिसमें मुशर्रफ़ के सज़ा से पहले मृत्यु की स्थिति में डी चौक पर घसीट कर लाने और तीन दिन तक लटकाने का उल्लेख है।

फ़ैसले में कहा गया है कि ख़ुफ़िया एजेन्सियां परवेज़ मुशर्रफ़ को गिरफ़्तार करने की भरपूर कोशिश करें। फ़ैसले में कहा गया है कि दस्तावेज़ों से पता चलता है कि आरोपी ने अपराध किया, आरोपी पर समस्त आरोप किसी संदेह के बिना सिद्ध होते हैं।

इस फ़ैसले में कहा गया है कि आरोपी को हर आरोप पर अलग अलग सज़ाए मौत दी जाती है।